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Chhattisgarh News: जंगल व पहाड़ों को पार कर लोगों तक दवाई पहुंचाने जाती हैं एएनएम, वीडियो देख हर कोई कर रहा तारीफ
Mon, 23 May 2022 10:45 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Mon, 23 May 2022 10:45 AM IST
सार
वीडियो सामने आने के बाद एएनएम कार्यकर्ताओं की हर ओर चर्चा हो रही है। वीडियो के संबंध में बलरामपुर के डीसी कुंदन कुमार ने बताया कि, यहां का झलवासा गांव सबसे दूर बसा हुआ है। यहां जाने के लिए करीब 10 किमी पहाड़ों व जंगलों से गुजरना पड़ता है।
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एएनएम कार्यकर्ता
- फोटो : ANI
विस्तार
आशा कार्यकर्ताओं को उनके सराहनीय कार्य के लिए रविवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड से नवाजा गया। इस बीच छत्तीसगढ़ से एएनएम कार्यकर्ताओं का वीडियो सामने आया है, जो पहाड़ों और जंगलों को पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
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न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में दो एएनएम कार्यकर्ता घने जंगलों और पहाड़ों को पार करती दिखती हैं। जानकारी के मुताबिक, एएनएम कार्यकर्ता यहां के झलवासा गांव में हेल्थ कैंप लगाने के लिए जाती दिख रही हैं।
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#WATCH | Health department workers are crossing dense forests to set up healthcare camps in several villages of Chhattisgarh's Balrampur pic.twitter.com/0URwaPR5D3
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) May 22, 2022
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10 किलोमीटर चलना पड़ता है पैदल
वीडियो सामने आने के बाद एएनएम कार्यकर्ताओं की हर ओर चर्चा हो रही है। वीडियो के संबंध में बलरामपुर के डीसी कुंदन कुमार ने बताया कि, यहां का झलवासा गांव सबसे दूर बसा हुआ है। यहां जाने के लिए करीब 10 किमी पहाड़ों व जंगलों से गुजरना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यहां लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए हम कैंप लगा रहे हैं। हमारी दो एएनएम हल्मी और सुचिता सिंह लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए बहुत अच्छा काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ये कार्यकर्ता घने जंगलों में जाकर लोगों का इलाज कर रही हैं। कैंप के दौरान लोगों के बीपी, शुगर, समेत अन्य स्वास्थ्य जांच की गई। ज्यादातर ठीक पाए गए।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने की आशा कार्यकर्ताओं की तारीफ
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ने कहा आशा स्वयंसेवियों ने मातृत्व सेवा और बच्चों के लिए टीकाकरण के क्षेत्र में भी अहम काम किया है। इसके अलावा उन्होंने भारत में सामुदायिक हेल्थकेयर को बेहतर करने में, तनाव और टीबी के लिए इलाज और पोषण के साथ साफ-सफाई व स्वस्थ जीवन को लेकर भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया, असमानता, विवाद, खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट और एक वैश्विक महामारी का सामना कर रही है, यह अवार्ड उन लोगों के कार्यों को पहचान देता है जिन्होंने दुनियाभर में स्वास्थ्य की सुरक्षा और इसे बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह अवार्ड निस्वार्थ सेवा को समर्पित है।