{"_id":"5ea19fae8ebc3e90591e40dc","slug":"chhattisgarh-hand-sanitizer-developed-from-mahua-spirit","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़ : स्वयं सहायता समूह ने महुआ के फूलों की शराब से बनाया हैंड सैनिटाइजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़ : स्वयं सहायता समूह ने महुआ के फूलों की शराब से बनाया हैंड सैनिटाइजर
Thu, 23 Apr 2020 07:31 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 23 Apr 2020 07:31 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के एक उद्योगी ने महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह के साथ मिलकर महुआ के फूलों से हाथ धोने का सैनिटाइजर तैयार किया है। यह सैनिटाइजर महुआ के फूलों से बनाई गई अल्कोहल से तैयार किया गया है। यही इस सैनिटाइजर का प्रमुख तत्व है। बता दें कि कोरोना वायरस के चलते सैनिटाइजर की मांग इस समय काफी बढ़ी हुई है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जशपुर में खेती से संबंधित और हर्बल उत्पाद बनाने वाली एक कंपनी चलाने वाले समर्थ जैन ने कहा, महुआ के फूलों से बनने वाले अल्कोहल से सैनिटाइजर बनाने का विचार तब आया जब मैं अपने पेट्रोल पंप पर अपने कर्मचारियों के लिए पर्याप्त हैंड सैनिटाइजर नहीं जुटा पाया। वहां के आदिवासी इसके फूलों से देशी शराब बनाते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'मैंने सोचा कि इस संकट के समय में हम महुआ से बनने वाले अल्कोहल को और शुद्ध करके इससे हैंड सैनिटाइजर बना सकते हैं।' बता दें कि पीले रंग के महुआ के फूल गर्मी के मौसम में जंगल से पाए जाने वाले प्रमुख उत्पादों में से एक हैं। माना जाता है इस फूल में चिकित्सकीय गुण भी होते हैं। जशपुर क्षेत्र में महुआ के पेड़ बहुतायत में पाए जाते हैं।
विज्ञापन
जैन ने कहा, जिला प्रशासन और वन विभाग से इसकी अनुमति लेने के बाद हम 'सिंगनी' नामक स्वयं सहायता समूह से मिले और तीन दिन में सैनिटाइजर का सैंपल तैयार कर लिया। जैन ने कहा, हम बड़े स्तर पर इसके उत्पादन के लिए लाइसेंस और प्रमाणिकता मिलने की उम्मीद में हैं। स्वयं सहायता समूह इसका उत्पादन करेगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, वन विभाग ने कच्चा माल उपलब्ध कराया और अभी तक हम ट्रायल के तौर पर 30 लीटर हैंड सैनिटाइजर का उत्पादन कर चुके हैं। सैनिटाइजर को 100 मिलीलीटर की बोतल में लॉकडाउन की ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों को वितरित किया गया है।
जशपुर के कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने कहा कि महुआ के अल्कोहल से बना सैनिटाइजर पूरी तरह से हर्बल है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इसे बनाने में इस्तेमाल की गई अल्कोहल की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के अनुरूप है।