{"_id":"625e2808234324751e79b644","slug":"chhattisgarh-government-will-take-action-if-doctors-prescribes-branded-medicines-instead-of-generic","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी डॉक्टरों पर सख्ती: छत्तीसगढ़ में जेनेरिक की जगह ब्रांडेड कंपनी की दवा लिखने पर होगी कड़ी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी डॉक्टरों पर सख्ती: छत्तीसगढ़ में जेनेरिक की जगह ब्रांडेड कंपनी की दवा लिखने पर होगी कड़ी कार्रवाई
Tue, 19 Apr 2022 08:40 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 19 Apr 2022 08:40 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी डॉक्टरों द्वारा जेनेरिक दवाओं के स्थान पर ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं लिखने पर सख्त नाराजगी जताई है। साथ ही ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई की बात भी कही है।
विज्ञापन
सीएम भूपेश बघेल(फाइल)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने जनता को महंगी दवाई खरीदने से राहत देने के लिए राज्य के सरकारी डॉक्टरों को चेतावनी देते हुए कहा कि जेनेरिक दवाई की उपलब्धता होने के बावजूद ब्रांडेड दवाई लिखने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा पर्यावरण एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान ये बात कही।
विज्ञापन
सीएम बघेल ने कहा कि सरकारी डॉक्टर यदि ब्रांडेड दवाइयां लिखते पाए जाते हैं तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) ने तत्काल सभी कलेक्टरों और सीएमएचओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यह सुनिश्चित करें की डॉक्टर सिर्फ जेनेरिक दवाईयां ही लिखें। सीएम बघेल के पास बार-बार लोगों की तरफ से शिकायतें आ रही थीं कि सरकारी डॉक्टर भी जेनेरिक दवाई की जगह ब्रांडेड कंपनी की दवाई लिख रहे हैं जिसके बाद सीएम ने एक बैठक बुलाकर इसका संज्ञान लिया।
विज्ञापन
सस्ती दवाइयां उपलब्ध करान के लिए धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर शुरू
बता दें कि लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध करान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर शुरू किए हैं। प्रदेश में इस योजना के तहत 159 मेडिकल स्टोर संचालित हैं। इन मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से अब तक विक्रय की गई दवाईयों से लगभग 17 लाख 92 हजार नागरिकों के 17 करोड़ 38 लाख रूपए की बचत हुई है।
विज्ञापन