{"_id":"5f23b1448ebc3e63cf370fe2","slug":"chhattisgarh-government-increase-the-probation-period-of-government-employees-to-three-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: सरकार नौकरियों में बढ़ाई प्रोबेशन अवधि, कर्मचारियों के वेतन में 30 फीसदी कटौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: सरकार नौकरियों में बढ़ाई प्रोबेशन अवधि, कर्मचारियों के वेतन में 30 फीसदी कटौती
Sat, 01 Aug 2020 04:22 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 01 Aug 2020 04:22 PM IST
विज्ञापन
Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों में प्रोबेशन यानि कि परिविक्षा अवधि के कार्यकाल और वेतन भत्तों के नियमों में सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रोबेशन अवधि दो साल की जगह तीन साल का होगा और पहले एक साल के लिए नए कर्मचारियों के वेतन में 30 फीसदी कटौती दी जाएगी।
विज्ञापन
नए नियम के आधार उन्हें 70 फीसदी मूल वेतन और इसी के आधार पर भत्तों को भुगतान किया जाएगा। राज्य के वित्त विभाद ने 28 जुलाई को इससे संबंधित नए नियमों की जानकारी दी, जिसके बाद से विपक्ष ने इस पर हंगामा करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
सरकार की ओर से किए गए बदलाव में सरकारी नौकरियों के प्रोबेशन के तहत पहले साल के लिए कर्मचारियों को 70 फीसदी, दूसरे साल के लिए 80 फीसदी और तीसरे साल के लिए 90 फीसदी वेतन का भुगतान किया जाएगा। इसी के साथ तीन साल की प्रोबेशन अवधि समाप्त होने पर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिया जाएगा।
विज्ञापन
वित्त विभाग के एसीएस अमिताभ जैन का कहना है कि ये नए नियम सभी सरकारी भर्तियों पर लागू होंगे। बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार भी इस नियम को लागू कर चुकी थी, पिछले साल नवंबर में सरकार ने मध्यप्रदेश लोक सेवा नियम 1961 में संशोधन किया था।
सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों को छोड़कर बाकी पदों के लिए प्रोबेशन अवधि दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी थी। इसके अलावा स्टायपेंड में भी 30, 20 औऱ 10 फीसदी की कटौती का आदेश दिया था।
हालांकि छत्तीसगढ़ के इस फैसले का विपक्ष ने जमकर विरोध किया है। बीजेपी नेता और पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी का मानना है कि सरकार के इस फैसले से युवाओं के साथ धोखा होगा। उन्होंने राज्य सरकार ने अपने फैसले को वापस लेने के लिए कहा है।
चौधरी का कहना है कि यूपीएससी और पीएससी के तहत कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विधायकों का वेतन बढ़ा दिया है और कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर दी है, इस फैसले से साफ होता है कि राज्य की कांग्रेस सरकार जन विरोध नीतियों का समर्थन करती है।