फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   chhattisgarh farmers submit memorandum to president in support of women wrestlers in gariaband

किसानों का पहलवानों को समर्थन:राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, कहा- केंद्र का क्रूर व्यवहार; बृजभूषण को करें गिरफ्तार

Mon, 05 Jun 2023 06:56 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरियाबंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरियाबंद Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Mon, 05 Jun 2023 06:56 PM IST
सार

किसानों ने कहा कि, बृज भूषण शरण सिंह की शिकार ज्यादातर लड़कियां ग्रामीण और किसान परिवारों से हैं। इसलिए हमें चिंता है कि जिन किसानों की बेटियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने के लिए बहुत मेहनत की है और देश को गौरव दिलाया है, उनके साथ राजनीतिक रूप से शक्तिशाली लोगों के इशारे पर केंद्र सरकार द्वारा अत्यंत क्रूरता के साथ व्यवहार किया जा रहा है। 

विज्ञापन
chhattisgarh farmers submit memorandum to president in support of women wrestlers in gariaband
महिला पहलवानों के समर्थन में किसानों ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन। - फोटो : संवाद

विस्तार

दिल्ली में चल रहे पहलवानों के विरोध प्रदर्शन को छत्तीसगढ़ के किसानों ने भी अपना समर्थन दिया है। किसान इसे लेकर पूरे प्रदेश में अलग-अलग जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप रहे हैं। किसानों का आरोप है कि गरीब परिवार से आने वाली इन बेटियों के साथ केंद्र सरकार क्रर व्यवहार कर रही है। उन्होंने राष्ट्रपति से अखिल भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग की है। इसे लेकर गरियाबंद में भी किसानों ने एसडीएम राजिम को ज्ञापन दिया। 

विज्ञापन


एक से पांच जून तक देशव्यापी ज्ञापन सौंप रहे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर किसान एक से पांच जून तक सभी राज्यों से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष मदन लाल साहू सहित अन्य किसानों ने ज्ञापन में कहा है कि, अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली नाबालिग सहित, कई महिला पहलवानों ने भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। 
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
केंद्र सरकार जनवरी में आरोपी सांसद के खिलाफ जांच करने और आवश्यक कदम उठाने के लिए खिलाड़ियों से किए वादे को पूरा करने में विफल रही। ऐसे में महिला पहलवान 23 अप्रैल से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही हैं। खिलाड़ियों को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू करने के बाद ही दिल्ली पुलिस ने आरोपी बृज भूषण के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की। दुर्भाग्य से, उसके बाद दिल्ली पुलिस अपने पांव खींच रही है। जांच और अभियोजन को आगे नहीं बढ़ाया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कुश्ती ग्रामीण खेल, घटना से विचलित
किसानों ने आरोप लगाया कि, जब खिलाड़ियों ने अपना विरोध जारी रखा और 28 मई को शांतिपूर्ण मार्च निकाला, तो दिल्ली पुलिस, ने उनके विरोध मार्च का क्रूरता से दमन किया। उन्हें हिरासत में लिया, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उन्हें जंतर-मंतर पर उनके शांतिपूर्ण विरोध स्थल से हटा दिया। यह पूरी तरह से गलत और अलोकतांत्रिक था। संयुक्त किसान मोर्चा में हम इन घटनाओं से बेहद विचलित हैं। आप खुद एक किसान की बेटी होने के नाते जानती हैं कि, कुश्ती एक ग्रामीण खेल है। 


जिम्मेदार अफसरों पर हो कार्रवाई
किसानों ने ज्ञापन में कहा है कि, राष्ट्र के प्रमुख के रूप में, हम आपसे यह निर्देश जारी करने का अनुरोध करते हैं कि केंद्र सरकार महिला पहलवानों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने धरना जारी रखने की अनुमति दे, महिला पहलवानों के साथ क्रूरता के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और बृज भूषण शरण सिंह को गिरफ्तार कर, चार्ज-शीट दाखिल करने और हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए। भारत की बेटियों की सम्मान की रक्षा के लिए शीघ्रता से कार्य करने और देश को शर्मसार करने वाली इस घिनौनी गाथा को समाप्त करें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed