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छत्तीसगढ़ः निर्धारित अवधि से अधिक बिजली कटौती होने पर उपभोक्ताओं को मिलेगी क्षतिपूर्ति
Fri, 05 Jun 2020 09:06 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Rohit Ojha
Updated Fri, 05 Jun 2020 09:06 PM IST
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बिजली
- फोटो : फाइल फोटो
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छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ता को कटौती रहित बिजली प्रदान करने के लिए नियम लागू किया है। इस नियम के तहत विद्युत आपूर्ति बंद होने की मासिक अधिकतम समयावधि तथा प्रत्येक बार विद्युत बंद होने की अधिकतम समय-सीमा निर्धारित की गई है। वहीं उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक क्षतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है।
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छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया कि विद्युत अधिनियम, 2003 में उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त तथा बिना कटौती के विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी पूर्ति के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को गुणवत्ता का मापदण्ड निर्धारित करने का दायित्व सौंपा गया है।
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इसके तहत छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2006 में नियम लागू किया था, लेकिन उसमें कटौती रहित विद्युत प्रदान के लिए मापदण्ड तथा उसका पालन नहीं होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति का प्रावधान शामिल नहीं था। इसे ध्यान में रखते हुए पुराने नियम के स्थान पर आयोग ने मई 2020 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (विद्युत वितरण निष्पादन हेतु मानक) विनियम, 2020 अधिसूचित किया है।
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अधिकारियों ने बताया कि नए नियमों के तहत विद्युत प्रदान करने वाली कंपनियों द्वारा विद्युत आपूर्ति बंद होने की मासिक अधिकतम समयावधि तथा प्रत्येक बार विद्युत प्रदाय बंद होने की अधिकतम समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके साथ-साथ इन मापदण्डों के उल्लंघन की स्थिति में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली आर्थिक क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान रखा गया है। आयोग के इस नियम के अनुसार प्रत्येक विद्युत वितरण लाइसेंसी को गुणवत्तायुक्त विद्युत प्रदान करने के लिए निर्धारित सूचकांक का पालन करना होगा।