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Chhattisgarh: CM साय ने कहा जो रामभक्त श्रीराम के लिए चिट्ठियां लिख रहे हैं,उन चिट्ठियों को अयोध्या भेजा जाएगा
Wed, 24 Jan 2024 04:42 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 24 Jan 2024 04:42 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने यहां स्थित मां महाकाली मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सीएम साय ने मां काली की आरती कर उन्हें लड्डुओं का भोग चढ़ा। इस मौके पर सीएम साय को लड्डुओं से तौला गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से उनके ननिहाल में भी उत्सव का माहौल है। बीते दिनों मकर संक्रांति उत्सव शुरू हुआ है वो प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक दिन तक रहा। यह बात सीएम साय ने आज श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर राजधानी रायपुर के आकाशवाणी चौक में आयोजित महाभोग और प्रसादी कार्यक्रम में कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यहां स्थित मां महाकाली मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सीएम साय ने मां काली की आरती कर उन्हें लड्डुओं का भोग चढ़ा। इस मौके पर सीएम साय को लड्डुओं से तौला गया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए 22 जनवरी ऐतिहासिक था। अयोध्या धाम में छत्तीसगढ़ के भांजे प्रभु श्री रामलला टेंट से निकलकर भव्य मंदिर में विराजमान हुए। उन्होंने कहा कि रामायण में माता शबरी का भी जिक्र आता है और उनका आश्रम शिवरीनारायण में है। माता शबरी वनवासी थीं और उन्होंने वर्षों प्रभु का इंतजार किया। उनकी तपस्या का परिणाम था कि भगवान स्वयं उनके पास आए थे और शिवरीनारायण की पावन धरा पर ही माता शबरी ने उन्हें बेर खिलाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवयुवक मंडल के तत्वावधान में रामभक्त चिट्ठियों के माध्यम से प्रभु के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। इन चिट्ठियों को एकत्रित कर अयोध्या धाम ले जाया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना की जानकारी देते हुए कहा कि ननिहाल वासियों को सरकारी खर्चे पर प्रभु की जन्मभूमि अयोध्याधाम का दर्शन कराया जाएगा।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए 22 जनवरी ऐतिहासिक था। अयोध्या धाम में छत्तीसगढ़ के भांजे प्रभु श्री रामलला टेंट से निकलकर भव्य मंदिर में विराजमान हुए। उन्होंने कहा कि रामायण में माता शबरी का भी जिक्र आता है और उनका आश्रम शिवरीनारायण में है। माता शबरी वनवासी थीं और उन्होंने वर्षों प्रभु का इंतजार किया। उनकी तपस्या का परिणाम था कि भगवान स्वयं उनके पास आए थे और शिवरीनारायण की पावन धरा पर ही माता शबरी ने उन्हें बेर खिलाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नवयुवक मंडल के तत्वावधान में रामभक्त चिट्ठियों के माध्यम से प्रभु के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। इन चिट्ठियों को एकत्रित कर अयोध्या धाम ले जाया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना की जानकारी देते हुए कहा कि ननिहाल वासियों को सरकारी खर्चे पर प्रभु की जन्मभूमि अयोध्याधाम का दर्शन कराया जाएगा।
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