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Chhattisgarh Boy Trapped in Borewell: सौ घंटे से अधिक समय से बोरवेल में फंसे रहने वाले राहुल साहू को अस्पताल से छुट्टी मिली
Sun, 26 Jun 2022 02:54 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, बिलासपुर।
पीटीआई, बिलासपुर।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 26 Jun 2022 02:54 AM IST
सार
चिकित्सकों के अनुसार, इस दुर्घटना की वजह से जख्मी हुए और गंभीर संक्रमण से पीड़ित राहुल साहू अब बिल्कुल ठीक है और चल-फिर सकता है।
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राहुल साहू (फाइल फोटो)
- फोटो : Social media
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 100 घंटे से अधिक समय तक बोरवेल में फंसे रहने के बाद बचाए गए 11-वर्षीय बच्चे को शनिवार को यहां एक निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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चिकित्सकों के अनुसार, इस दुर्घटना की वजह से जख्मी हुए और गंभीर संक्रमण से पीड़ित राहुल साहू अब बिल्कुल ठीक है और चल-फिर सकता है। राहुल को शनिवार सुबह छुट्टी मिलते वक्त बिलासपुर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी अस्पताल में मौजूद थे, जबकि जांजगीर-चांपा के कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल और अन्य अधिकारी उसे घर ले जाने के लिए वहां मौजूद थे।
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राहुल 10 जून को जांजगीर-चांपा के पिहरिड गांव में अपने घर के पिछवाड़े में 80 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था और सतह से 60 फीट नीचे फंस गया था। कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, लगभग पांच दिनों तक न तो बचाव दल ने, न ही राहुल ने जज्बे को ठंडा होने दिया। चौदह जून की रात 104 घंटे के लंबे ऑपरेशन के बाद उसे कई एजेंसियों के 500 से अधिक कर्मियों की एक संयुक्त टीम ने बचाया था।
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गौरतलब है कि बचाव दल ने एक समानांतर गड्ढा खोदा और लड़के तक पहुंचने के लिए एक सुरंग बनाई। लड़के के पिता राम कुमार साहू के मुताबिक राहुल मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है और ठीक से बोल भी नहीं पाता है।
लड़के को बिलासपुर जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उसके स्वास्थ्य का जायजा लेने के लिए अस्पताल का दौरा किया था, और डॉक्टरों को सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजधानी रायपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘‘यह बहुत खुशी की बात है कि बहादुर राहुल को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उसे नियमित स्पीच थेरेपी की आवश्यकता है ताकि वह ठीक से बोल सके।’’ राज्य सरकार ने चिकित्सा खर्च वहन किया और यह भी घोषणा की कि वह लड़के की शिक्षा का खर्च वहन करेगी।