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CG: कोयला घोटाले में ईडी ने राज्य सरकार को लिखा खत; दस आईएएस-आईपीएस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश
Wed, 01 Oct 2025 07:53 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Wed, 01 Oct 2025 07:53 PM IST
सार
CG Coal Scam: छत्तीसगढ़ में हुए 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले मामले में कार्रवाई को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक्शन मोड में है।
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विस्तार
CG Coal Scam: छत्तीसगढ़ में हुए 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले मामले में कार्रवाई को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक्शन मोड में है। ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर आरोपी 10 सीनियर आईएएस-आईपीएस ऑफिसर्स के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ईडी ने राज्य के मुख्य सचिव और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को लेटर लिखा है। ईडी की जांच रिपोर्ट में कोयला परिवहन पर लगने वाली लेवी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने की बात सामने आई है। मामले में ऑनलाइन कोल परमिट को ऑफलाइन मोड में बदलने का आरोप है ताकि आसानी से अवैध वसूली किया जा सके।
जानें क्या था पूरा मामला
छत्तीसगढ़ सरकार को कोयला लेवी घोटाले में 570 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस भ्रष्टाचार में प्रदेश के कई सीनयर ऑफिसर शामिल थे। ईडी के अनुसार, मामले में अब तक 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई है। आगे भी कार्रवाई होती रहेगी। ईडी का आरोप है कि कोल लेवी घोटाला महज आर्थिक अनियमितता नहीं बल्कि सत्ता और प्रशासनिक तंत्र की गहरी मिलीभगत का नतीजा है। जांच में सामने आया कि कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मिलीभगत कर अवैध वसूली का ऐसा जाल बिछाया, जिससे करोड़ों रुपए की रकम वसूल की गई। इस मामले में जनवरी 2024 में ईओडब्ल्यू की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब तक कई ऑफिसर जैसे- सौम्या चौरसिया, अनिल टूटेजा और सूर्यकांत तिवारी, आईएएस समीर विश्नोई, रानू साहू आदि गिरफ्तार हो चुके हैं। राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल की करीबी और उनकी ओएसडी रहीं सौम्या चौरसिया को ईडी ने दिसंबर 2022 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने सौम्या को अंतरिम जमानत दे दी थी। साल 2010 बैच की आईएएस रानू साहू को जुलाई 2023 में गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। दूसरी समीर विश्नोई और अनिल टूटेजा जेल से रिहा हो चुके हैं। इस केस में कई आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। हालांकि जांच जारी है। इस मामले के मुख्य आरोपी कारोबारी सूर्यकांत तिवारी माने जाते हैं।
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अब जगी कार्रवाई की उम्मीद
अब इस मामले में जांच और कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। हालांकि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी रिटायर हो चुके हैं। नये मुख्य सचिव विकासशील ने पदभार ग्रहण कर लिया है। इस खत के बाद आगामी दिनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। यदि ऐसा हुआ, तो प्रदेश के ब्यूरोक्रेसी और सियासत दोनों में खलबली मच सकती है।
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ईडी ने राज्य के मुख्य सचिव और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को लेटर लिखा है। ईडी की जांच रिपोर्ट में कोयला परिवहन पर लगने वाली लेवी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने की बात सामने आई है। मामले में ऑनलाइन कोल परमिट को ऑफलाइन मोड में बदलने का आरोप है ताकि आसानी से अवैध वसूली किया जा सके।
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जानें क्या था पूरा मामला
छत्तीसगढ़ सरकार को कोयला लेवी घोटाले में 570 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस भ्रष्टाचार में प्रदेश के कई सीनयर ऑफिसर शामिल थे। ईडी के अनुसार, मामले में अब तक 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई है। आगे भी कार्रवाई होती रहेगी। ईडी का आरोप है कि कोल लेवी घोटाला महज आर्थिक अनियमितता नहीं बल्कि सत्ता और प्रशासनिक तंत्र की गहरी मिलीभगत का नतीजा है। जांच में सामने आया कि कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मिलीभगत कर अवैध वसूली का ऐसा जाल बिछाया, जिससे करोड़ों रुपए की रकम वसूल की गई। इस मामले में जनवरी 2024 में ईओडब्ल्यू की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब तक कई ऑफिसर जैसे- सौम्या चौरसिया, अनिल टूटेजा और सूर्यकांत तिवारी, आईएएस समीर विश्नोई, रानू साहू आदि गिरफ्तार हो चुके हैं। राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल की करीबी और उनकी ओएसडी रहीं सौम्या चौरसिया को ईडी ने दिसंबर 2022 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने सौम्या को अंतरिम जमानत दे दी थी। साल 2010 बैच की आईएएस रानू साहू को जुलाई 2023 में गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। दूसरी समीर विश्नोई और अनिल टूटेजा जेल से रिहा हो चुके हैं। इस केस में कई आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। हालांकि जांच जारी है। इस मामले के मुख्य आरोपी कारोबारी सूर्यकांत तिवारी माने जाते हैं।
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अब जगी कार्रवाई की उम्मीद
अब इस मामले में जांच और कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। हालांकि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी रिटायर हो चुके हैं। नये मुख्य सचिव विकासशील ने पदभार ग्रहण कर लिया है। इस खत के बाद आगामी दिनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। यदि ऐसा हुआ, तो प्रदेश के ब्यूरोक्रेसी और सियासत दोनों में खलबली मच सकती है।