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CG: छत्तीसगढ़ ज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बनाएगा नई पहचान, आईटी विभाग और एसटीपीआई के बीच ऐतिहासिक समझौता
Tue, 10 Feb 2026 01:29 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:29 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ अब प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशेष पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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आईटी विभाग और एसटीपीआई के बीच ऐतिहासिक समझौता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ अब प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशेष पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को तकनीकी नवाचार और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाना है। उन्होंने यह बात इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के बीच हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन के अवसर पर कही।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इस समझौते को राज्य के तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस व्यवस्था और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस और उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
इस एमओयू के तहत प्रदेश में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं, प्रस्तावित ईएसडीडी सेंटर हर वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का लाभ मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने एसटीपीआई के साथ साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में फैले इसके 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप का अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह समझौता राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, एसटीपीआई के निदेशक रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इस समझौते को राज्य के तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस व्यवस्था और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस और उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
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इस एमओयू के तहत प्रदेश में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं, प्रस्तावित ईएसडीडी सेंटर हर वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का लाभ मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने एसटीपीआई के साथ साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में फैले इसके 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप का अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह समझौता राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, एसटीपीआई के निदेशक रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।