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छत्तीसगढ़: अब महंगी कोचिंग की जरूरत नहीं! छत्तीसगढ़ के 35 सरकारी स्कूलों में नीट-जेईई की मुफ्त ऑनलाइन पढ़ाई
Fri, 16 Oct 2026 10:00 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अम्बिकापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अम्बिकापुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 16 Oct 2026 10:00 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के 35 सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में नीट और जेईई की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू की जाएगी। जिला खनिज न्यास निधि और स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से शुरू होने वाली इस पहल का उद्घाटन 17 अक्टूबर को मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे।
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सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला बड़ी पहल करने जा रहा है। जिले में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए नीट और जेईई की लाइव ऑनलाइन कोचिंग शुरू की जाएगी। इसके साथ ही सरगुजा राज्य का ऐसा पहला जिला बनने जा रहा है, जहां सरकारी स्कूलों में इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
35 सरकारी स्कूलों में मिलेगी मुफ्त कोचिंग
यह पहल जिला खनिज न्यास निधि और स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से शुरू की जा रही है। इसके तहत जिले के 35 सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निजी कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों में बाधा न बने।
स्कूलों में एक साथ चलेंगी लाइव ऑनलाइन कक्षाएं
इस योजना के तहत चयनित स्कूलों में एक साथ लाइव ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में जाने या निजी कोचिंग पर भारी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिले के प्रत्येक विकासखंड से पांच सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है। इस पहल को खासतौर पर आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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17 अक्टूबर को मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे शुरुआत
इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 17 अक्टूबर को पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इसके लिए अंबिकापुर कलेक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना है।
आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
सरगुजा में आदिवासी आबादी की बड़ी हिस्सेदारी है और यहां प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की कमी नहीं है। हालांकि, पर्याप्त संसाधनों और विशेष कोचिंग की सुविधा नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए निजी कोचिंग की फीस और बड़े शैक्षणिक केंद्रों में रहने का खर्च भी बड़ी चुनौती रहा है। जिला प्रशासन की यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सुविधाओं को सीधे सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने का प्रयास है।
चयनित विद्यार्थियों को रायपुर भेजने की भी योजना
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत का मानना है कि इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल सकता है। उन्होंने बताया कि 35 स्कूलों से विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें कोचिंग के लिए रायपुर भेजा जाएगा। यदि इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो यह छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जहां आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आबादी अधिक है।
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35 सरकारी स्कूलों में मिलेगी मुफ्त कोचिंग
यह पहल जिला खनिज न्यास निधि और स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से शुरू की जा रही है। इसके तहत जिले के 35 सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निजी कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों में बाधा न बने।
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स्कूलों में एक साथ चलेंगी लाइव ऑनलाइन कक्षाएं
इस योजना के तहत चयनित स्कूलों में एक साथ लाइव ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में जाने या निजी कोचिंग पर भारी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिले के प्रत्येक विकासखंड से पांच सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है। इस पहल को खासतौर पर आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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17 अक्टूबर को मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे शुरुआत
इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 17 अक्टूबर को पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इसके लिए अंबिकापुर कलेक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना है।
आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
सरगुजा में आदिवासी आबादी की बड़ी हिस्सेदारी है और यहां प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की कमी नहीं है। हालांकि, पर्याप्त संसाधनों और विशेष कोचिंग की सुविधा नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए निजी कोचिंग की फीस और बड़े शैक्षणिक केंद्रों में रहने का खर्च भी बड़ी चुनौती रहा है। जिला प्रशासन की यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सुविधाओं को सीधे सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने का प्रयास है।
चयनित विद्यार्थियों को रायपुर भेजने की भी योजना
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत का मानना है कि इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल सकता है। उन्होंने बताया कि 35 स्कूलों से विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें कोचिंग के लिए रायपुर भेजा जाएगा। यदि इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो यह छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जहां आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आबादी अधिक है।