फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Case of fraudulent withdrawals in postal accounts: Consumer Commission strict in Chhattisgarh

डाक खातों में फर्जी आहरण का मामला: उपभोक्ता आयोग सख्त, डाक विभाग को 1.91 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश

Tue, 03 Feb 2026 04:25 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 03 Feb 2026 04:25 PM IST
सार

डाक बचत खातों से एजेंट और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से हुए फर्जी आहरण के गंभीर मामले में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने भारतीय डाक विभाग को दोषी ठहराया है।

विज्ञापन
Case of fraudulent withdrawals in postal accounts: Consumer Commission strict in Chhattisgarh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डाक बचत खातों से एजेंट और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से हुए फर्जी आहरण के गंभीर मामले में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने भारतीय डाक विभाग को दोषी ठहराया है। आयोग ने इसे सेवा में गंभीर कमी मानते हुए पीड़ित खाताधारकों को करोड़ों रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


आयोग के अनुसार रायपुर निवासी अनिल कुमार पाण्डेय, उनकी पत्नी और पुत्री ने डाक बचत अभिकर्ताओं के माध्यम से पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित डाकघर में अगस्त 2016 से नवंबर 2020 के बीच कुल 19 टर्म डिपॉजिट (टीडीआर) और 2 आवर्ती जमा खाते खुलवाए थे। इन खातों की कुल परिपक्वता राशि लगभग 1 करोड़ 97 लाख रुपये थी। खाताधारकों का कहना था कि पूर्व खातों की परिपक्व राशि के पुनर्निवेश के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और पोस्टमास्टर के नाम चेक दिए गए थे, जिसके बाद उन्हें विधिवत मुहर और हस्ताक्षरयुक्त पासबुक भी प्रदान की गई।
विज्ञापन


परिवादीगण ने आरोप लगाया कि पोस्टमास्टर ने डाक एजेंट के साथ मिलकर उनकी जानकारी और सहमति के बिना खातों से राशि निकासी की अनुमति दे दी। इस संबंध में विभाग को लिखित शिकायत भी की गई, लेकिन न तो खातों को रोका गया और न ही कोई ठोस जानकारी दी गई। इसके बाद मामले को सेवा में कमी बताते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग में प्रस्तुत किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों और पासबुक का अवलोकन किया। आयोग ने स्पष्ट टिप्पणी की कि विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता के बिना न तो पासबुक जारी होना संभव है और न ही खातों से इस तरह का आहरण। आयोग ने यह भी माना कि एजेंट के दोषी पाए जाने के बावजूद विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जो लापरवाही को दर्शाता है।

राज्य उपभोक्ता आयोग ने परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए डाक विभाग को 18 टीडीआर खातों की परिपक्वता राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार भारतीय डाक विभाग को 45 दिनों के भीतर 1 करोड़ 91 लाख 39 हजार 965 रुपये का भुगतान करना होगा। इस राशि पर 20 नवंबर 2023 से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देय होगा।


इसके अलावा आयोग ने मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति तथा 15 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता आयोग का यह फैसला डाक विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed