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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bird Survey 2026 in Barnawapara Sanctuary, more than 200 bird species documented in Raipur

रायपुर: बारनवापारा अभयारण्य में बर्ड सर्वे 2026, 200 से अधिक पक्षी प्रजातियों का हुआ दस्तावेजीकरण

Sun, 18 Jan 2026 08:28 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sun, 18 Jan 2026 08:28 PM IST
सार

तीन दिवसीय इस सर्वे में अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार करीब 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है, जिसे अभयारण्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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Bird Survey 2026 in Barnawapara Sanctuary, more than 200 bird species documented in Raipur
बारनवापारा अभयारण्य में बर्ड सर्वे 2026 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 16 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित “बर्ड सर्वे 2026” ने क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को एक बार फिर उजागर किया है। तीन दिवसीय इस सर्वे में अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार करीब 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है, जिसे अभयारण्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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इस बर्ड सर्वे में देश के 11 राज्यों महाराष्ट्र, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल और कर्नाटक से आए 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनके साथ 12 वॉलंटियर्स, पक्षी विशेषज्ञ और फोटोग्राफर्स सहित कुल लगभग 100 लोग सर्वे गतिविधियों में शामिल रहे। सर्वे केवल बारनवापारा अभयारण्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उससे जुड़े कोठारी, सोनाखान और देवपुर परिक्षेत्रों में भी पक्षी गणना और अवलोकन किया गया।
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सर्वे के दौरान एकत्रित किए गए पक्षियों से संबंधित आंकड़े वैश्विक डाटाबेस का हिस्सा बनेंगे, जिससे न केवल क्षेत्र की जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण होगा, बल्कि बर्डिंग कल्चर और इको-पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस आयोजन में डॉ. हकीमुद्दीन एफ. सैफी, डॉ. जागेश्वर वर्मा, मोहित साहू और सोनू अरोरा जैसे विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही।
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सर्वे के दौरान कई दुर्लभ और आकर्षक पक्षी प्रजातियां प्रतिभागियों के लिए खास आकर्षण रहीं। इनमें बार-हेडेड गूज प्रमुख रही, जो मध्य एशिया के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रजनन करती है और सर्दियों में भारत आती है। इसके अलावा ग्रे-हेडेड लैपविंग, पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश, यूरेशियन स्पैरोहॉक और ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन जैसे पक्षियों का अवलोकन भी किया गया, जिन्हें पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।


वन विभाग के अनुसार बारनवापारा अभयारण्य मध्य छत्तीसगढ़ की जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करता है, जहां साल वनों के साथ मिश्रित वन और विविध पारिस्थितिक परिदृश्य मौजूद हैं। बर्ड सर्वे से प्राप्त आंकड़े भविष्य में अभयारण्य की प्रबंधन योजनाओं को और प्रभावी बनाने में सहायक होंगे, विशेषकर उन पक्षी प्रजातियों के संरक्षण में जिनकी संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
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