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Bilaspur Lok Sabha Election result: बीजेपी के तोखन साहू ने बिलासपुर सीट पर जमाया कब्जा; देवेंद्र को हराया
Tue, 04 Jun 2024 05:37 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Tue, 04 Jun 2024 05:37 PM IST
सार
Bilaspur lok sabha result 2024: छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण सीटों में से एक बिलासपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी के तोखन साहू ने जीत हासिल की है।
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बीजेपी के तोखन साहू ने बिलासपुर सीट पर जमाया कब्जा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
Bilaspur lok sabha result 2024: छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण सीटों में से एक बिलासपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी के तोखन साहू ने जीत हासिल की है। उन्होंने 1 लाख 64 हजार 558 वोटों से जीत हासिल की है। तोखन को कुल 7 लाख 24 हजार 937 वोट मिले हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र यादव को 5 लाख 60 हजार 379 वोट मिले हैं। साहू ने बीजेपी को बिलासपुर में 8वीं बार जीत दिलाई है। इस तरह जीत का अंतर 1 लाख 64 हजार 558 रहा। साहू के कुल वोट का प्रतिशत 53.25 और यादव का 41.16 प्रतिशत रहा।
इस बार यहां से बीजेपी के किसान नेता तोखन साहू और कांग्रेस के भिलाई से विधायक देवेंद्र यादव के बीच सीधी टक्कर थी। यहां भाजपा-कांग्रेस समेत 37 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। हार के बाद कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी देवेंद्र यादव ने जनता के जनादेश का आभार जताया। भाजपा प्रत्याशी तोखन साहू को जीत की बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि 35 सालों में जो बिलासपुर में राजनीतिक सूखा खत्म होगा, वे लोकसभा में जनता की आवाज उठाएंगे। वही इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। सबको बधाई और देश के अंदर तानाशाही, डर और एक दबाव का वातावरण जो मोदी सरकार ने बनाकर रखा था जनता ने उन्हें अच्छी सबक सिखाई है।
इस लोकसभा सीट के तहत 8 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें (मस्तूरी, कोटा, बेलतरा, लोरमी, बिल्हा, मुंगेली, तखतपुर और बिलासपुर) सीटें शामिल हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में यहां 7 मई को मतदान हुआ था जहां 63.95 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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7 बार जीत चुकी है बीजेपी
बिलासपुर लोकसभा सीट कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यह बीजेपी का किला बन चुका है। बीजेपी ने यहां पिछले सात चुनाव में लगातार जीत दर्ज की है। वहीं कांग्रेस यहां 1952 से लेकर 1991 (1977 जनता पार्टी) को छोड़कर आठ चुनाव में जीत दर्ज कराने में कामयाब रही है। बीजेपी यहां 7 बार जीत दर्ज कर चुकी है तो वहीं जनता पार्टी ने एक बार 1977 में जीत हासिल की थी।
कुल मतदाता
बिलासपुर लोकसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 20 लाख 94 हजार 570 हैं। इसमें पुरुष मतदाता 10 लाख 52 हजार 173 और महिला मतदाता 10 लाख 42 हजार 298 हैं। तृतीय लिंग मतदाता 99 है। बिलासपुर लोकसभा में कुल 2225 मतदान केंद्र हैं और सभी सामान्य है। 64.77 % वोटिंग हुई है! 64.53 पुरुष और 64.01 महिला वोटर्स ने मतदान किया है।
मुद्दे-
स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी
भ्रष्टाचार
महंगाई
रोजगार
हवाई सेवा
साल 2009 लोकसभा का परिणाम
बीजेपी से दिलीप सिंह जूदेव और कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की पत्नी रेणु जोगी आमने-सामने रहे। जिसमे भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी रेणु जोगी को 20 हजार 139 वोटों से हराया।
साल 2014 लोकसभा चुनाव परिणाम
भाजपा से लखनलाल साहू तो कांग्रेस से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की भतीजी स्व करुणा शुक्ला चुनाव लड़ी, जिसमें भाजपा ने रिकॉर्ड 1 लाख 76 हजार 436 मतों से जीत दर्ज की।
साल 2019 लोकसभा चुनाव परिणाम
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के अरुण साव ने कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव को 1,41,763 वोटों से हराया था। अरुण साव को जहां 6,34,559 वोट मिले थे, वहीं अटल श्रीवास्तव को 4,92,796 वोट मिले थे। जीत का अंतर 1 लाख 41 हजार 763 (12.72%) रहा। बीएसपी के उत्तम दास गुरुओ गोसाईं को 21,180 वोट पाकर तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था।
जानें कौन हैं तोखन साहू
बीजेपी ने इस बार बिलासपुर संभाग से लोरमी विधानसभा के पूर्व विधायक तोखन साहू लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है। तोखन साहू का जन्म 15 अक्टूबर 1969 को ग्राम डिंडोरी जिला मुंगेली में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम लीलावती साहू है। उन्होंने एमकॉम की पढ़ाई की है।
राजनीतिक सफर
तोखन साहू वर्तमान में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वो साल 2013 में पहली बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद 2014-15 में सदस्य महिलाओं एवं बालकों के कल्याण सम्बंधी समिति ,सदस्य प्रत्यायुक्त विधानसभा समिति, छत्तीसगढ़ विधानसभा रह चुके हैं। साल 2015 में वह संसदीय सचिव छत्तीसगढ शासन रहे। साल 2013 में तोखन ने निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 26 लोरमी से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्हें 52302 वोट मिले थे। वहीं दूसरे नंबर पर कांग्रेस के धर्मजीत सिंह रहे, जिन्हें 46061 वोट मिले थे।
देंवेंद्र यादव का राजनीतिक सफर-
बिलासपुर का नामकरण
ऐसा कहा जाता है कि बिलासपुर का नाम मछुआरन महिला बिलासा के नाम पर रखा गया है। बिलासपुर अपने खुशबूदार चावलों के लिए फेमस है।
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इस बार यहां से बीजेपी के किसान नेता तोखन साहू और कांग्रेस के भिलाई से विधायक देवेंद्र यादव के बीच सीधी टक्कर थी। यहां भाजपा-कांग्रेस समेत 37 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। हार के बाद कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी देवेंद्र यादव ने जनता के जनादेश का आभार जताया। भाजपा प्रत्याशी तोखन साहू को जीत की बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि 35 सालों में जो बिलासपुर में राजनीतिक सूखा खत्म होगा, वे लोकसभा में जनता की आवाज उठाएंगे। वही इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। सबको बधाई और देश के अंदर तानाशाही, डर और एक दबाव का वातावरण जो मोदी सरकार ने बनाकर रखा था जनता ने उन्हें अच्छी सबक सिखाई है।
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इस लोकसभा सीट के तहत 8 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें (मस्तूरी, कोटा, बेलतरा, लोरमी, बिल्हा, मुंगेली, तखतपुर और बिलासपुर) सीटें शामिल हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में यहां 7 मई को मतदान हुआ था जहां 63.95 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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7 बार जीत चुकी है बीजेपी
बिलासपुर लोकसभा सीट कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यह बीजेपी का किला बन चुका है। बीजेपी ने यहां पिछले सात चुनाव में लगातार जीत दर्ज की है। वहीं कांग्रेस यहां 1952 से लेकर 1991 (1977 जनता पार्टी) को छोड़कर आठ चुनाव में जीत दर्ज कराने में कामयाब रही है। बीजेपी यहां 7 बार जीत दर्ज कर चुकी है तो वहीं जनता पार्टी ने एक बार 1977 में जीत हासिल की थी।
कुल मतदाता
बिलासपुर लोकसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 20 लाख 94 हजार 570 हैं। इसमें पुरुष मतदाता 10 लाख 52 हजार 173 और महिला मतदाता 10 लाख 42 हजार 298 हैं। तृतीय लिंग मतदाता 99 है। बिलासपुर लोकसभा में कुल 2225 मतदान केंद्र हैं और सभी सामान्य है। 64.77 % वोटिंग हुई है! 64.53 पुरुष और 64.01 महिला वोटर्स ने मतदान किया है।
मुद्दे-
स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी
भ्रष्टाचार
महंगाई
रोजगार
हवाई सेवा
साल 2009 लोकसभा का परिणाम
बीजेपी से दिलीप सिंह जूदेव और कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की पत्नी रेणु जोगी आमने-सामने रहे। जिसमे भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी रेणु जोगी को 20 हजार 139 वोटों से हराया।
साल 2014 लोकसभा चुनाव परिणाम
भाजपा से लखनलाल साहू तो कांग्रेस से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की भतीजी स्व करुणा शुक्ला चुनाव लड़ी, जिसमें भाजपा ने रिकॉर्ड 1 लाख 76 हजार 436 मतों से जीत दर्ज की।
साल 2019 लोकसभा चुनाव परिणाम
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के अरुण साव ने कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव को 1,41,763 वोटों से हराया था। अरुण साव को जहां 6,34,559 वोट मिले थे, वहीं अटल श्रीवास्तव को 4,92,796 वोट मिले थे। जीत का अंतर 1 लाख 41 हजार 763 (12.72%) रहा। बीएसपी के उत्तम दास गुरुओ गोसाईं को 21,180 वोट पाकर तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था।
जानें कौन हैं तोखन साहू
बीजेपी ने इस बार बिलासपुर संभाग से लोरमी विधानसभा के पूर्व विधायक तोखन साहू लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है। तोखन साहू का जन्म 15 अक्टूबर 1969 को ग्राम डिंडोरी जिला मुंगेली में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम लीलावती साहू है। उन्होंने एमकॉम की पढ़ाई की है।
राजनीतिक सफर
तोखन साहू वर्तमान में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वो साल 2013 में पहली बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद 2014-15 में सदस्य महिलाओं एवं बालकों के कल्याण सम्बंधी समिति ,सदस्य प्रत्यायुक्त विधानसभा समिति, छत्तीसगढ़ विधानसभा रह चुके हैं। साल 2015 में वह संसदीय सचिव छत्तीसगढ शासन रहे। साल 2013 में तोखन ने निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 26 लोरमी से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्हें 52302 वोट मिले थे। वहीं दूसरे नंबर पर कांग्रेस के धर्मजीत सिंह रहे, जिन्हें 46061 वोट मिले थे।
देंवेंद्र यादव का राजनीतिक सफर-
- देवेंद्र यादव 2009 में रुंगटा कॉलेज के एनएसयूआई प्रतिनिधि रहे
- वर्ष 2009 से 2011 तक जिला अध्यक्ष एनएसयूआई
- वर्ष 2011 से 2014 तक प्रदेश अध्यक्ष एनएसयूआई रहे
- वर्ष 2014 से 2015 तक राष्ट्रीय सचिव
- साल 2015 से 2016 तक राष्ट्रीय महासचिव एनएसयूआई
- वर्ष 2016 में महापौर नगर पालिका निगम भिलाई बने
- वर्ष 2017–18 में वे राष्ट्रीय सचिव यूथ कांग्रेस में रहे
- साल 2018 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए
- वर्ष 2019 से 2021 तक वे सदस्य प्राक्कलन समिति छत्तीसगढ़ विधानसभा रहे।
- साल 2020 से 2021 तक वे सदस्य पुस्तकालय समिति छत्तीसगढ़ विधानसभा रहे।
- साल 2023 में दूसरी बार भिलाई से विधायक बने, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय को हराया
बिलासपुर का नामकरण
ऐसा कहा जाता है कि बिलासपुर का नाम मछुआरन महिला बिलासा के नाम पर रखा गया है। बिलासपुर अपने खुशबूदार चावलों के लिए फेमस है।