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Chhattisgarh: हाईकोर्ट में वन विभाग का शपथ पत्र, करंट से हाथियों की मौत पर जारी किए निर्देश; ये हैं गाइडलाइंस

Thu, 03 Oct 2024 10:49 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 03 Oct 2024 10:49 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हाथियों की बिजली से हो रही मौत को लेकर वन विभाग ने शपथ पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने बिजली कंपनी को निर्देश जारी कर दिए हैं।

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petition filed in Chhattisgarh High Court regarding death of elephants due to electrocution
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : highcourt.cg.gov.in

विस्तार

हाथियों की बिजली करंट से हो रही मौत को लेकर दूसरी बार दायर की गई जनहित याचिका पर वन विभाग ने हाईकोर्ट में शपथपत्र दिया है। इसमें कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी अब भारत सरकार द्वारा हाथियों को बिजली करंट से बचाने के लिए कार्य करेगी। इसके लिए बिजली कंपनी ने निर्देश भी जारी किये हैं। सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिका निराकृत करते हुए निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का शब्दतः और मूल भावना में पालन किया जाये।
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रायपुर के नितिन सिंघवी ने इस मुद्दे पर जनहित याचिका दायर की थी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की वर्ष 2016 की गाइडलाइंस के अनुसार हाथी जैसे वन्य प्राणियों को बिजली करंट से बचाने के लिए हाथी की सूंड जहां तक जा सकती है, उससे ऊंचाई तक विद्युत लाइन रखनी है। गौरतलब है कि पीछे के पांव पर खड़े होने पर और सूंड ऊपर उठाने पर एक व्यस्क हाथी की लंबाई 20 फीट तक हो सकती है।
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विद्युत लाइन की ऊंचाई 20 फीट करने के साथ और भी कई कार्य
गाइडलाइंस के अनुसार बिजली कंपनी हाथियों के मूवमेंट वाले वन क्षेत्र में विद्युत लाइन की ऊंचाई 20 फीट करने और विद्युत तारों को कवर्ड कंडक्टर में बदलने या अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए कार्य करेगी। कंपनी समय-समय पर झुकी हुई बिजली की लाइनों और बिजली के खंभों को ठीक करने के साथ 3 से 4 मीटर तक बारबेट वायर लगाएगी ताकि वन्य प्राणी सुरक्षित रहें। हाथी विचरण क्षेत्र में बिजली कंपनी जंगली जानवरों के शिकार के लिए फैलाए जाने वाले स्थान एवं फसलों और घरों की सुरक्षा के लिए बनाए गए घेरे में करंट, अस्थाई पंप और अवैध विद्युत कनेक्शन की जांच करेगी। प्रोटेक्टेड एरिया अर्थात नेशनल पार्क, टाइगर रिजर्व, अभयारण्य, एलिफेंट कॉरिडोर में वन विभाग के साथ वर्ष में दो बार संयुक्त सर्वे किया जाएगा।
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अपर वन मुख्य सचिव एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की बैठक
26 जून 2024 को अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग, विद्युत वितरण कंपनी और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि हाथियों को बिजली करंट से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा। बैठक में निर्देश दिए गए कि ऊर्जा विभाग बिजली के 11 केवी, 33 केवी लाइन एवं एलटी लाइन के झुके हुए तारों को कसने का काम, तार की ऊंचाई बढ़ाने का काम तथा वन क्षेत्र, हाथी रहवास, हाथी विचरण क्षेत्र में भूमिगत बिजली की लाइन बिछाने अथवा इंसुलेटेड केबल लगाने का कार्य करेंगे। इसके बाद प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा सितम्बर में ली गई बैठक में बिजली कंपनी ने बताया कि पंप कनेक्शन के लिए केबल कार्य लगाने का कार्य जारी है।
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