Bilaspur उच्च न्यायालय के जस्टिस पी. सैम कोशी के प्रस्ताव को मिली मंजूरी, तेलंगाना हाईकोर्ट किया गया ट्रांसफर
16 सितंबर 2013 को उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त किया गया। वे एसईसीआर, कोल इंडिया, एनटीपीसी, एनएमडीसी, बालको, एसबीआई सहित कई बैंकों के वकील रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के जस्टिस पी सैम कोशी ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष स्थानांतरण का प्रस्ताव रखा था, आज इसकी मंजूरी मिल गई है। जस्टिस कोशी ने अपने स्थानांतरण को छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनका ट्रांसफर तेलंगाना हाईकोर्ट में किया है। जस्टिस कोशी के तबादले के बाद अब छग हाईकोर्ट में 14 जज ही रह जाएंगे। ध्यान रहे कि छग हाईकोर्ट के जज प्रशांत मिश्रा का भी तेलंगाना ही ट्रांसफर किया गया था। बाद में वे सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए।
जस्टिस कोशी के आवेदन पर सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने 5 जुलाई 2023 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय स्थानांतरण का प्रस्ताव रखा। हालांकि, न्यायमूर्ति कोशी ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अलावा किसी अन्य उच्च न्यायालय में स्थानांतरण का अनुरोध किया था। इसके बाद कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के बजाय तेलंगाना राज्य के उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। जस्टिस कोशी ने स्वेच्छा से अपना ट्रांसफर करने की मांग की थी।
जस्टिस पी. सैम कोशी 9 मार्च 1991 को अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए थे। उन्होंने शुरूआत में म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में अक्टूबर 2000 तक काम किया। इसके बाद नवम्बर 2000 से सितंबर 2013 तक छ.ग. उच्च न्यायालय, बिलासपुर में विधि व्यवसाय किया। उन्होंने 2002 से 2004 तक छग उच्च न्यायालय में शासकीय अभिभाषक और 2005-06 में उपमहाधिवक्ता की जिम्मेदारी पूरी की।
16 सितंबर 2013 को उन्हें छ.ग. उच्च न्यायालय में अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त किया गया। वे एसईसीआर, कोल इंडिया, एनटीपीसी, एनएमडीसी, बालको, एसबीआई सहित कई बैंकों के वकील रहे हैं।