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CG News: पत्रकारों पर सीधी FIR के विरोध में बीजापुर में प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; की ये मांग

Wed, 17 Jun 2026 07:30 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: बीजापुर ब्यूरो Updated Wed, 17 Jun 2026 07:30 PM IST
सार

बीजापुर के पत्रकारों ने आज कलेक्टर विश्वदीप को ज्ञापन सौंपा है। पत्रकारों पर सीधे एफआईआर दर्ज किए जाने के मामलों के विरोध में यह कदम उठाया गया। पत्रकारों का कहना है कि पत्रकार सुरक्षा कानून के तहत किसी भी पत्रकार के विरुद्ध सीधे एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। 

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Bijapur Journalists submitted memorandum to Collector against instances of FIRs being directly registered
बीजापुर न्यूज

विस्तार

पत्रकारों पर सीधे प्राथमिकी दर्ज किए जाने के मामलों के विरोध में बीजापुर के पत्रकारों ने आज कलेक्टर विश्वदीप को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने छत्तीसगढ़ में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून के कड़ाई से पालन की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि कानून के प्रावधानों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे उनमें असंतोष है।

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पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि पत्रकार सुरक्षा कानून के तहत किसी भी पत्रकार के विरुद्ध सीधे प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती। कानून के अनुसार, पहले पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा मामले की जांच की जानी आवश्यक है। हालांकि, कई मामलों में इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए चिंताजनक है। 
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उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून वर्ष 2023 से लागू है। इसका विधिवत अधिसूचना भी जारी हो चुका है। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर कानून के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। इस लापरवाही के कारण पत्रकारों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
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कानून के प्रावधानों का उल्लंघन
पत्रकार सुरक्षा कानून का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को अनावश्यक कानूनी उत्पीड़न से बचाना है। यह कानून सुनिश्चित करता है कि किसी भी पत्रकार के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज न हो। इसके बजाय, पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को पहले मामले की जांच करनी होती है। यह जांच प्रक्रिया पत्रकारों को मनमानी गिरफ्तारी और झूठे मुकदमों से सुरक्षा प्रदान करती है। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों का लगातार उल्लंघन हो रहा है।

पत्रकारों में बढ़ता असंतोष
छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून 2023 से प्रभावी है। इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। इसके बावजूद, कानून के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति से पत्रकारों में भारी असंतोष फैल रहा है। वे अपनी सुरक्षा और अधिकारों को लेकर चिंतित हैं। पत्रकारों ने कहा कि यह कानून उनके हित में बनाया गया था, पर इसका लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है।


राज्य सरकार से प्रमुख मांगें
पत्रकारों ने राज्य सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून के सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने की अपील की। पत्रकारों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए। यह पत्रकारों के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करेगा।

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