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'एक ओर नोटिस, दूसरी ओर शिकायतों पर चुप्पी': जमीन विवाद को लेकर विधायक ने उठाए सवाल, कहा- बनाया जा रहा दबाव
Wed, 23 Sep 2026 08:56 AM IST
बीजापुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर
Published by: बीजापुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 08:56 AM IST
सार
बीजापुर के भोपालपट्टनम में जमीन से जुड़े नोटिस और कथित कब्जों को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से भूमि संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और चुनाव स्वतंत्र एवं भयमुक्त माहौल में कराने की मांग की है।
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पत्रवार्ता करते हुए विधायक व कांग्रेस नेता
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बीजापुर के भोपालपट्टनम और भैरमगढ़ नगर पंचायतों में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी जिले के अधिकारियों के माध्यम से कांग्रेस नेताओं पर दबाव बनाने का काम कर रही है। जमीनों से बेदखली के नाम पर नोटिस थमाकर प्रशासन को चुनावी हथियार बनाया जा रहा है। यह आरोप बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने भोपालपट्टनम में आयोजित प्रेस वार्ता में लगाया।
विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को नोटिस देकर डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, ताकि नगर पंचायत चुनाव का माहौल प्रभावित हो और इसका फायदा भाजपा ले सके।
उन्होंने आगे कहा कि भोपालपट्टनम में जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष नीलम गनपत, आदेश्वर पब्लिक स्कूल के संचालक उमेश गुज्जा, भाजपा नेता गिरिजा शंकर तामड़ी, भाजपा नेता लंकल रामचंद्रम और भाजपा मंडल अध्यक्ष नरसिंह रेड्डी के खिलाफ कई एकड़ भूमि आदिवासी और अनुसूचित क्षेत्रों में कब्जाने की शिकायत की गई है। लेकिन राजस्व विभाग और वन विभाग भाजपा नेताओं के मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसा क्यों? उन शिकायतों पर अब तक क्या जांच हुई? क्या कोई कार्रवाई हुई? प्रशासन मौन क्यों है? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका कोई जवाब अब तक नहीं आया है।
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कांग्रेस नेता को नोटिस पर विधायक ने उठाए सवाल
इसी बीच दूसरी तस्वीर यह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बसंतराव ताटी, जिन्हें विधिवत रूप से 50 साल पहले शासन-प्रशासन ने पट्टा दिया था, वर्तमान में उनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस बात को सभी जानते हैं। फिर भी उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है, जो अपने आप में चिंतनीय है।
विधायक ने कहा कि एक ओर बड़े कब्जे की शिकायत पर चुप्पी और दूसरी ओर न्यायालय में लंबित मामले में अचानक सक्रियता, यह संयोग नहीं बल्कि पक्षपात है। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा और भाजपा के संरक्षण में भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए बीजापुर जिले के अधिकारी काम कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि सरकारें आती हैं, सरकारें जाती हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को किसी दल विशेष के कार्यकर्ता के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए।
ये भी पढ़ें- CG Politics: 'कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर; सीएम साय ने बताया- जनता ने उसे चुनाव में क्यों नकारा?
'चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाना साजिश'
उन्होंने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाना न केवल अन्याय है, बल्कि नगरीय निकाय चुनाव को प्रभावित करने की एक सोची-समझी साजिश है। विधायक ने कहा कि बीजापुर जिले की जनता भाजपा की कथनी और करनी को देख रही है कि विकास की बात करने वाले लोग दबाव की राजनीति कैसे चला रहे हैं।
विधायक ने प्रशासन से की ये मांगें
प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने प्रशासन से प्रमुख रूप से ये मांगें कीं-
विधायक ने कहा कि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी और प्रशासनिक दबाव के खिलाफ तथा पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में बेतहाशा जमीन कब्जाने के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम भोपालपट्टनम को एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को नोटिस देकर डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, ताकि नगर पंचायत चुनाव का माहौल प्रभावित हो और इसका फायदा भाजपा ले सके।
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उन्होंने आगे कहा कि भोपालपट्टनम में जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष नीलम गनपत, आदेश्वर पब्लिक स्कूल के संचालक उमेश गुज्जा, भाजपा नेता गिरिजा शंकर तामड़ी, भाजपा नेता लंकल रामचंद्रम और भाजपा मंडल अध्यक्ष नरसिंह रेड्डी के खिलाफ कई एकड़ भूमि आदिवासी और अनुसूचित क्षेत्रों में कब्जाने की शिकायत की गई है। लेकिन राजस्व विभाग और वन विभाग भाजपा नेताओं के मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसा क्यों? उन शिकायतों पर अब तक क्या जांच हुई? क्या कोई कार्रवाई हुई? प्रशासन मौन क्यों है? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका कोई जवाब अब तक नहीं आया है।
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कांग्रेस नेता को नोटिस पर विधायक ने उठाए सवाल
इसी बीच दूसरी तस्वीर यह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बसंतराव ताटी, जिन्हें विधिवत रूप से 50 साल पहले शासन-प्रशासन ने पट्टा दिया था, वर्तमान में उनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस बात को सभी जानते हैं। फिर भी उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है, जो अपने आप में चिंतनीय है।
विधायक ने कहा कि एक ओर बड़े कब्जे की शिकायत पर चुप्पी और दूसरी ओर न्यायालय में लंबित मामले में अचानक सक्रियता, यह संयोग नहीं बल्कि पक्षपात है। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा और भाजपा के संरक्षण में भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए बीजापुर जिले के अधिकारी काम कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि सरकारें आती हैं, सरकारें जाती हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को किसी दल विशेष के कार्यकर्ता के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए।
ये भी पढ़ें- CG Politics: 'कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर; सीएम साय ने बताया- जनता ने उसे चुनाव में क्यों नकारा?
'चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाना साजिश'
उन्होंने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाना न केवल अन्याय है, बल्कि नगरीय निकाय चुनाव को प्रभावित करने की एक सोची-समझी साजिश है। विधायक ने कहा कि बीजापुर जिले की जनता भाजपा की कथनी और करनी को देख रही है कि विकास की बात करने वाले लोग दबाव की राजनीति कैसे चला रहे हैं।
विधायक ने प्रशासन से की ये मांगें
प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने प्रशासन से प्रमुख रूप से ये मांगें कीं-
- भोपालपट्टनम में भूमि कब्जे की पुरानी शिकायत पर तत्काल निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो।
- न्यायालय में विचाराधीन मामलों में अनावश्यक नोटिस और दबाव की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए।
- नगरीय निकाय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराए जाएं।
- अधिकारियों को किसी भी राजनीतिक दल के इशारे पर काम करने से रोका जाए।
विधायक ने कहा कि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी और प्रशासनिक दबाव के खिलाफ तथा पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में बेतहाशा जमीन कब्जाने के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम भोपालपट्टनम को एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।