वन अमला ग्रामसभा की अनदेखी: कूप कटाई पर सर्व आदिवासी समाज ने उठाए सवाल, वन विभाग पर गंभीर आरोप
सर्व आदिवासी समाज ने ग्राम पेद्दाकोड़ेपाल में वन विभाग द्वारा की जा रही कूप कटाई को लेकर गंभीर अनियमितताओं और ग्रामसभा की अनदेखी का आरोप लगाया है। समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने वन विभाग के अधिकारियों पर नियमों का उल्लंघन कर स्वस्थ और युवा पेड़ों की अवैध कटाई का दावा करते हुए दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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सर्व आदिवासी समाज ने ग्राम पेद्दाकोड़ेपाल में की जा रही कूप कटाई को लेकर वन विभाग पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। समाज ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि संबंधित कूप में गिरे पड़े या सूखे पेड़ों की जगह स्वस्थ और युवा पेड़ों की कटाई कर दी गई। कटे पेड़ों में महुआ, बीजा, तेंदू और धावड़ा जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह वन प्रबंधन के नियमों और ग्रामसभा की भावना के विपरीत है।
तेलामी ने वन अधिकारियों के उस दावे को भी बोगस बताया, जिसमें कहा गया था कि कूप कटाई से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। उनके अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों को न तो कार्य में शामिल किया गया और न ही उन्हें प्रक्रिया की समुचित जानकारी दी गई।
करीब 300 एकड़ में फैला यह जंगल स्थानीय आदिवासियों द्वारा सैकड़ों वर्षों से संरक्षित किया जा रहा है। यह क्षेत्र उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक रूढ़िगत मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां त्योहारों के दौरान होने वाले पारंपरिक आखेट, साथ ही मवेशियों की चराई जैसे सामुदायिक उपयोग होते रहे हैं। सर्व आदिवासी समाज ने मांग की है कि ग्रामसभा की अनदेखी तत्काल बंद की जाए, कटाई की स्वतंत्र जांच हो और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।