Bijapur: बैठक में सीएम से मिले बीजापुर विधायक, ज्ञापन देकर भर्ती में स्थानीयों को प्राथमिता देने की मांग की
स्तर संभाग की भर्तियों में स्थानीय बेरोजगार युवक युवतियों को प्राथमिकता देने संबंधी मांग को लेकर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। विधायक ने कहा कि बस्तर संभाग आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है।
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बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में जगदलपुर के चित्रकोट पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलकर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर बस्तर संभाग की भर्तियों में स्थानीयों बेरोजगार युवक-युवतियों को प्राथमिकता देने की मांग रखी।
चित्रकोट में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बस्तर संभाग की भर्तियों में स्थानीय बेरोजगार युवक युवतियों को प्राथमिकता देने संबंधी मांग को लेकर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि बस्तर संभाग आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। संभाग के स्थानीय लोग गरीब हैं और उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण आगे की पढ़ाई कम ही कर पाते हैं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में कम ही भाग ले पाते हैं।
वर्तमान में बस्तर संभाग के जिलों में विभिन्न विभागों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियां बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं। बस्तर संभाग के जिलों में विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रिया में संभाग के स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जिससे स्थानीय बेरोजगारों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। ज्ञात हो कि बीजापुर में चल रही वनरक्षक भर्ती में अफसरों द्वारा नियम विरुद्ध रात के अंधेरे में कराई गई शारीरिक दक्षता परीक्षा से बवाल खड़ा हो गया हैं। इस मामले को लेकर जहां बीजापुर विधायक ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। वहीं अब इस मामले को लेकर सत्तापक्ष के नेता भी मुखर हो गए हैं।
भाजपा नेता फूलचंद गागड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बीजापुर वन विभाग के अधिकारी सरकार से ऊपर हो गये हैं। सरकार के नियमों को दरकिनार कर मनमानी कर रहे है। भर्ती पारदर्शिता के साथ हो, प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीति में उबाल आ गया है। वहीं सीपीआई ने भी ज्ञापन सौंपकर इस भर्ती पर सवाल खड़े किये हैं।