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CG: मोहन भागवत के तीन बच्चे वाले बयान पर पलटवार; भूपेश बोले- RSS में जो कुंवारे हैं उनकी सबसे पहले करायें शादी
Mon, 02 Dec 2024 04:51 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Mon, 02 Dec 2024 04:51 PM IST
सार
Bhupesh baghel on Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे वाले बयान पर छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
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पू्र्व सीएम भूपेश बघेल, मोहन भागवत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
Bhupesh baghel on Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे वाले बयान पर छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस मामले में पलटवार करते हुए कहा कि देश में लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में अधिक बच्चे पैदा करने का क्या उद्देश्य है? आरएसएस में जो लोग कुंवारे हैं, उनकी सबसे पहले शादी करायें।
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'किसी भी विभाग में अव्यवस्था'
उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार में किसी भी विभाग में व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्था में बदल गई है। स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो आज आयुष्मान कार्ड से कोई भी अस्पताल मरीज का इलाज नहीं कर रहे हैं। लोग कार्ड रखे हुए हैं पर इलाज के लिये तरस रहे हैं। इस संबंध में डॉक्टर से बात करने पर जानकारी मिली है कि डॉक्टरों को पिछले एक साल से भुगतान ही नहीं किया गया है। इस वजह से सभी सरकारी अस्पतालों की आर्थिक स्थिति खराब है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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'आम जनता भुगत रही खामियाजा'
पूर्व सीएम ने अपने शासनकाल की उपलब्धियों पर कहा कि हमारे शासनकाल में कभी भी खासकर स्वास्थ्य विभाग के पेमेंट 24 घंटा से ज्यादा नहीं रुकते थे, जो भी स्वास्थ्य विभाग से आवेदन आता था, उसे तुरंत पूरा किया जाता था, लेकिन साय सरकार में कोई भुगतान नहीं हुआ है। इस वजह से चाहे छोटा हॉस्पिटल हो या बड़ा अस्पताल। सभी जगह आयुष्मान कार्ड से इलाज कराना करीब-करीब बंद कर दिया गया है। इसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
'स्वामी आत्मानंद स्कूल का बुरा हाल'
उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल का बुरा हाल है। कोई बजट न होने से स्कूलों में शिक्षकों के पेमेंट के लिए पैसे नहीं हैं। चार्ट और डस्टर खरीदने के लिए भी पैसे नहीं है। इस वजह से पढ़ाई की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है, जो लोग स्वामी आत्मानंद स्कूल में एडमिशन कराये थे, वो वापस ट्रांसफर सर्टिफिकेट ले रहे हैं। गांव में सोलर लाइट, मास्क लाइट सब बंद है। कोई रिपेयर नहीं हो रहा है क्योंकि सरकार के पास फंड नहीं है।