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भाटापारा में मुसीबत बनी बारिश: खेतों में भरा पानी... कर्ज में डूबा किसान; 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट
Fri, 26 Jul 2024 09:30 AM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भाटापारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भाटापारा
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 26 Jul 2024 09:30 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ समेत देशभर में बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश की वजह से कई खेती करने वाले किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। भाटापारा में बारिश की वजह से खेती को नुकसान हुआ है।
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बारिश के पानी में डूबे खेत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाटापारा में लगातार हो रही बारिश से किसानों के खेत और खेत का मेड पानी से लबालब भरा हुआ है। कॉलोनाइजर के द्वारा रोड निर्माण करने से खेत का पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं है। अधिकारियों से कुछ सालों से किसान के द्वारा शिकायत की जाती है। लेकिन निराकरण आज तक नहीं हुआ है।
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खेत में कुछ सालों से पानी निकासी नही होने से बीज और फसल खराब होने से कृषि बैंक के कर्ज से मुक्त नहीं हो पा रहा है। किसान कर्ज मुक्त नहीं होने के कारण खेती के लिए बैंक से भी सहायता नहीं मिल पा रही है। अन्य जगह से कर्ज लेकर खेती हो रही है। बारिश का पानी नहीं निकलने की वजह से बीज सड़ने से फिर किसान कर्ज में डूब जाएगा।
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छत्तीसगढ़ में अगले दो तीन दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। साथ ही प्रदेश में लागतार मानसून की सक्रियता बढ़ रही है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश जगहों में बारिश हो रही है। बीत गुरुवार को मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया था। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की मध्यम बारिश और एक-दो जगह पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में आगामी दो तीन दिनों तक अधिकांश जगहों पर बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। एक चक्रवाती परिसंचरण झारखंड और आसपास के क्षेत्र पर समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है।
साथ ही औसत समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका पूर्व-दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक औसत समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश के आसार हैं।
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खेत में कुछ सालों से पानी निकासी नही होने से बीज और फसल खराब होने से कृषि बैंक के कर्ज से मुक्त नहीं हो पा रहा है। किसान कर्ज मुक्त नहीं होने के कारण खेती के लिए बैंक से भी सहायता नहीं मिल पा रही है। अन्य जगह से कर्ज लेकर खेती हो रही है। बारिश का पानी नहीं निकलने की वजह से बीज सड़ने से फिर किसान कर्ज में डूब जाएगा।
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छत्तीसगढ़ में अगले दो तीन दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। साथ ही प्रदेश में लागतार मानसून की सक्रियता बढ़ रही है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश जगहों में बारिश हो रही है। बीत गुरुवार को मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया था। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की मध्यम बारिश और एक-दो जगह पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में आगामी दो तीन दिनों तक अधिकांश जगहों पर बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। एक चक्रवाती परिसंचरण झारखंड और आसपास के क्षेत्र पर समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है।
साथ ही औसत समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका पूर्व-दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक औसत समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश के आसार हैं।