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Balod: रिटायर्ड सैन्यकर्मी ने रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर की ठगी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Sat, 03 Aug 2024 09:43 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 03 Aug 2024 09:43 PM IST
सार

आरोपी वर्ष 2008 में रिटायर हुआ था। इसके बाद लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। इससे पूर्व में भी ठगी के प्रकरण में वह जेल जा चुका है।

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Retired soldier cheated on pretext of getting a job in Railways In Balod
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी उत्तम चंद खाण्डेकर को बालोद पुलिस ने गोदिया (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया है। आरोपी के द्वारा 19.55 लाख रुपये लेकर रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की गई। आरोपी पूर्व सैनिक (आर्मी) है। वह वर्ष 2008 में रिटायर हुआ था। इसके बाद लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। इससे पूर्व में भी ठगी के प्रकरण में वह जेल जा चुका है। आरोपी उत्तम चंद खाण्डेकर व उसके साथी के विरूद्व बालोद जिले में तीन मामले दर्ज हैं। बालोद थाने की टीम ने पूरे मामले में जांच कर महाराष्ट्र से आरोपी को गिरफ्तार किया है।

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छुपकर बदल दिया था अपना पता 
थाना प्रभारी रविशंकर पांडे ने बताया कि बालोद के ठगी के प्रकरण में प्रधान आरक्षक भगवान सिंह धुव्र एवं हरीशचंद्र सिन्हा के नेतृत्व में 02 विशेष टीम बनाकर फरार आरोपी उत्तमचंद खाण्डेकर को गिरफ्तार करने के लिए जिला गोदिया एवं नागपुर भेजा गया था। फरार आरोपी उत्तमचंद खाण्डेकर अपने मूल पता को छोड़कर दूसरी जगह पर रह रहा रहा था। जिसे पकड़ने में पुलिस सफल रही। 
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जानिए ये मामले
आपको बता दें कि बालोद थाने में शिकायतकर्ता घनश्याम ढीमर (39 वर्ष) पिता स्व. विष्णुराम ढीमर निवासी रेलवे कॉलोनी द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। प्रार्थी ने बताया कि स्टेशन मास्टर के पद पर नौकरी लगाने की बात उसने कही थी। जांच पर आरोपी डुलेश कुमार साहू द्वारा उसके मित्र उत्तम खाण्डेकर, अंकुष मिश्रा से परिचय कराया। दोनों ने रेलवे में उच्च अधिकारियों से पहचान होने की बात कही और 11 लाख 8000 रुपये उससे ले लिए। काम नहीं होने पर जब पैसे मांगे तो उसे घूमाता रहा। जिस पर उसने रिपोर्ट दर्ज कराई। इनके द्वारा धर्मेन्द्र साहू पिता देव कुमार साहू, निवासी खेरथाडीह से भी 8 लाख 45 हजार रुपये की ठगी की गई। उसे भी रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। 

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