फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Balod News ›   Elephants once again enter Balod district

गजराज क्यों हैं नाराज?: बालोद जिले में फिर से हाथियों ने दी दस्तक, फसलों को नुकसान; छह लोग गंवा चुके हैं जान

Mon, 14 Oct 2024 09:54 AM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 14 Oct 2024 09:54 AM IST
सार

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक बार फिर से हाथियों के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। खड़ी फसलों को हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं।  लगभग आधा दर्जन गांवों को अलर्ट पर रखा गया है।

विज्ञापन
Elephants once again enter Balod district
दहशत में ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक बार फिर से हाथियों की दस्तक देखने को मिल रही है। हाथियों ने जिले के गुरूर और दल्ली राजहरा वन परिक्षेत्र में तांडव मचा कर रखा हुआ है। खड़ी फसलों को बेतहाशा नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग भी रात भर जाग-जाग कर हाथियों एवं लोगों की सुरक्षा में लगा हुआ है।

विज्ञापन


आपको बता दें कि हाथी के स्वतंत्र टहलने का रात का एक्सक्लूसिव वीडियो भी सामने आया है। वन विभाग द्वारा गांव में मुनादी कराई गई है कि कोई भी व्यक्ति अकेले घर से बाहर या फिर जंगलों की ओर न जाए। अब तक छह लोगों की हाथियों ने जान ले ली।
विज्ञापन


अब तक छह लोग गवा चुके हैं जान
हाथी को गुस्सा आने पर वह आक्रामक हो सकता है।बालोद जिले में बीते तीन वर्षों में छह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसलिए लोगों को समझाइस दी जा रही है। अभी का जो समय है वह धान कटाई का समय है। यहां पर फसले लगभग पककर तैयार हो गई हैं और खड़ी फसलों पर हाथियों का आतंक देखने को मिल रहा है। जिसके कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि हाथी द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने के बाद वन विभाग द्वारा इसके लिए किसानों को मुआवजा भी दिया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जानिए कहां है हाथी
हाथी की उपस्थिति वर्तमान में बालोद वनमंडल बालोद अंतर्गत हिडकापार बताई जा रही है जो कि आड़ेझर बीट और नलकसा सर्किल का एरिया है। इस क्षेत्र में हाथी ने कोई फसल नुकसान नहीं की है। सबसे ज्यादा गुरुर वन परिक्षेत्र में हाथियों के द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाया गया था। वर्तमान में वन विभाग द्वारा अंगारा नलकसा पुसावड़ शेरपार कोसमी पैंदुर नारंगसुर जैसे लगभग आधा दर्जन गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। जहां हाथी विचरण कर रहा है। उसका नाम एमई- 3 बताया जा रहा है जो कि एक दंतैल हाथी है। उप वन मंडल अधिकारी डिंपी बैस ने बताया कि लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, गांव में जागरुकता फैलाई जा रही है। मुनादी भी कराई जा रही है ताकि किसी तरह की कोई हानि न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed