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बालोद में कांग्रेस का 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह': ईसीआई की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, सीईसी को हटाने की मांग
Sat, 03 Oct 2026 05:14 PM IST
बालोद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: बालोद ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 05:14 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में कांटे का नाम और बालोद जिले में काटे गए नाम को लेकर विवाद शुरू हो गया है जिस पर कांग्रेस ने प्रेस वार्ता के माध्यम से की इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के स्थिति की मांग कर रही है।
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बालोद में कांग्रेस की प्रेस वार्ता चीफ इलेक्शन कमिशन से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
विस्तार
'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' के तहत जिला कांग्रेस कमेटी बालोद ने राजीव भवन में प्रेसवार्ता आयोजित की। कांग्रेस नेताओं ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी।
मतदाता सूची में नाम हटाने का मुद्दा उठा
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने दावा किया कि अकेले बालोद जिले में करीब 55 हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर देशभर में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। हिरवानी ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची में सामने आ रही विसंगतियों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठा रही है। उन्होंने इसे संविधान में दिए समानता के अधिकार और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से जोड़ते हुए प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में SIR के बाद मतदाता सूची में बड़ी संख्या में बदलाव हुआ है। राज्य की अंतिम मतदाता सूची में करीब 25 लाख मतदाताओं की संख्या कम हुई थी।
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संगीता सिन्हा ने कहा- निष्पक्ष चुनाव के लिए पारदर्शिता जरूरी
संजारी बालोद विधायक और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। उनके मुताबिक, यदि मतदाता सूची को लेकर लोगों के बीच सवाल उठते हैं तो पूरे चुनावी तंत्र पर भरोसे का मुद्दा सामने आता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने और SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के नामों की समीक्षा करने की मांग की। साथ ही पात्र मतदाताओं का नाम दोबारा सूची में शामिल करने की बात कही।
चुनाव आयोग ने भी शुरू किया विशेष अभियान
एसआईआर के दौरान नाम छूटने की आशंकाओं के बीच निर्वाचन आयोग ने हाल ही में ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने की जानकारी दी है। आयोग का उद्देश्य उन मतदाताओं को सूची में शामिल करना है, जो प्रक्रिया के दौरान छूट गए हों। बालोद जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी एसआईआर 2026 से संबंधित प्रारंभिक सूची और दावा-आपत्ति से जुड़े प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद
प्रेसवार्ता के दौरान जिला उपाध्यक्ष रामजी भाई पटेल और पुरुषोत्तम पटेल, महामंत्री शंभू साहू, शहर अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, ग्रामीण अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा, वैभव शर्मा, कमल टुवानी, देवेंद्र साहू और सुनील मंडावी समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची से जुड़े मामलों की समीक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
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मतदाता सूची में नाम हटाने का मुद्दा उठा
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने दावा किया कि अकेले बालोद जिले में करीब 55 हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर देशभर में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। हिरवानी ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची में सामने आ रही विसंगतियों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठा रही है। उन्होंने इसे संविधान में दिए समानता के अधिकार और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से जोड़ते हुए प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में SIR के बाद मतदाता सूची में बड़ी संख्या में बदलाव हुआ है। राज्य की अंतिम मतदाता सूची में करीब 25 लाख मतदाताओं की संख्या कम हुई थी।
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संगीता सिन्हा ने कहा- निष्पक्ष चुनाव के लिए पारदर्शिता जरूरी
संजारी बालोद विधायक और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। उनके मुताबिक, यदि मतदाता सूची को लेकर लोगों के बीच सवाल उठते हैं तो पूरे चुनावी तंत्र पर भरोसे का मुद्दा सामने आता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने और SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के नामों की समीक्षा करने की मांग की। साथ ही पात्र मतदाताओं का नाम दोबारा सूची में शामिल करने की बात कही।
चुनाव आयोग ने भी शुरू किया विशेष अभियान
एसआईआर के दौरान नाम छूटने की आशंकाओं के बीच निर्वाचन आयोग ने हाल ही में ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने की जानकारी दी है। आयोग का उद्देश्य उन मतदाताओं को सूची में शामिल करना है, जो प्रक्रिया के दौरान छूट गए हों। बालोद जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी एसआईआर 2026 से संबंधित प्रारंभिक सूची और दावा-आपत्ति से जुड़े प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद
प्रेसवार्ता के दौरान जिला उपाध्यक्ष रामजी भाई पटेल और पुरुषोत्तम पटेल, महामंत्री शंभू साहू, शहर अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, ग्रामीण अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा, वैभव शर्मा, कमल टुवानी, देवेंद्र साहू और सुनील मंडावी समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची से जुड़े मामलों की समीक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।