CG: गौरेला पेंड्रा मरवाही में बढ़ा विदेशी सैलानियों का आकर्षण, पर्यटन और जनजातीय संस्कृति देखने पहुंच रहे लोग
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पर्यटन स्थलों के प्रति विदेशी सैलानियों का आकर्षण बढ़ रहा है। पर्यटन स्थलों और जनजातीय संस्कृति को देखने देश तथा विदेश से सैलानियों का आना लगातार जारी है। इस बार समाज में अपनी अलग–अलग क्षेत्रों में विशेष भूमिका निभाने वाले लोग जीपीएम जिले में पहुंचे हैं।
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गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पर्यटन स्थलों के प्रति विदेशी सैलानियों का आकर्षण बढ़ रहा है। पर्यटन स्थलों और जनजातीय संस्कृति को देखने देश तथा विदेश से सैलानियों का आना लगातार जारी है। इस बार समाज में अपनी अलग–अलग क्षेत्रों में विशेष भूमिका निभाने वाले लोग जीपीएम जिले में पहुंचे हैं, जिसमे इंग्लैंड से डॉ. प्रदीप सिंह, देश के अलग–अलग राज्यों से फिल्मराइटर सोनल शर्मा, मोटिवेशन स्पीकर प्रितपाल सिंह मथारू, काउंसलर वंदना महाजन, डांस थेरेपिस्ट महिमा ठाकुर शिक्षाविद, आर्किटेक्ट, कवि, सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे।
पर्यटकों के ग्रुप में ग्रामीण पृष्ठभूमि पर फिल्म बनाने वाले फिल्म डायरेक्टर आर्यन चंद्र प्रकाश भी शामिल थे, जिन्हें हाल ही में इस साल कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड मिला है। सभी अतिथियों ने दूरस्थ लमना गाव में स्थित विलेज स्टे में एक दिन बिताया। लमना गांव में उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्य गौरा गौरी का भी आनंद लिया। साथ ही गांव के भ्रमण में प्राकृतिक जल स्त्रोत ठोड़ा, कपिलधारा के प्राकृतिक संरचना को करीब से देखा और लमना गांव के लोगों के आथित्य और पारंपरिक भोजन से सभी अभिभूत हुए।
आसपास के पर्यटन स्थलों झोझा जलप्रपात, जोगी गुफा, लमना गांव, सोनबचरवार, राजमेरगढ़, बिल्लमगढ़ का भी भ्रमण किया। अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा जिले में विभिन्न तरह के वर्कशॉप आयोजित करने की योजना भी बनी। इन सभी विभूतियों को जिले से रूबरू पर्यावरणविद तथा सलाहकार संजय पयासी के द्वारा कराया गया।