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विधानसभा चुनाव 2018: छत्तीसगढ़ के इन गांवों में वोट डाला तो लगेगा तगड़ा जुर्माना
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Updated Sat, 13 Oct 2018 04:02 PM IST
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में सियासी पारा चढ़ने लगा है। राजनीतिक दलों के बड़े नेता रैलियां और सभाएं कर रहे हैं। लेकिन 18 साल पहले विकास के वादे के नाम पर बने इस राज्य में अभी भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रही जनता चुनाव में अपने गुस्से का इजहार कर रही है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लोगों ने चुनाव बहिष्कार करने का जैसे मन बना लिया है। चुनाव बहिष्कार के एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा में परेवापानी के बाद अब भैरीगुडा गांव के लोगों ने भी चुनाव में वोट नहीं डालने की घोषणा कर दी है। साथ ही वोट करने वालों पर जुर्माना लगाने का निर्णय भी किया है।
भैरीगुडा गांव में करीब 400 लोगों की आबादी है। ग्रमीणों ने राजनीतिक दलों के नेताओं के अपने गांव में घुसने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं इस जिले में ग्रामीणों ने मतदान करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का भी निर्णय किया है। ग्रामीणों के मुताबिक अगर किसी परिवार का एक सदस्य भी मतदान करता है तो उसे पांच हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।
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भैरीगुडा के ग्रामीणों का कहना है कि आज तक उनके गांव में सड़क तक नहीं बन पाई है। गांव में आने-जाने में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। टूटी सड़कों की वजह से गांव में एम्बुलेंस तक नहीं पहुंच पाती और मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए पैदल ही खटिये पर लाद के ले जाना पड़ता है।
कई बार समय पर ईलाज नहीं मिल पाने की वजह से गांव के कई लोगों की मौत हो गई। बारिश के दिनों में कीचड़ में फिसलकर कई ग्रमीणों के हाथपैर तक टूट चुके हैं। गांव के लोगों का कहना है कि अपनी समस्या को लेकर वे नेताओं के पास भी गए लेकिन गांव की समस्याएं दूर नहीं हो पाई।
नेताओं के प्रति ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। चुनाव से पहले इन गांव के लोगों ने नेताओं के प्रति जैसा गुस्सा दिखाया है उससे यह तो साफ है कि लोकतंत्र के इस उत्सव में कुछ लोग गहरी उदासी में हैं और यह उदासी अब गहरी नाराजगी में तब्दील हो गई है जिसका सामना राजनीतिक दलों को करना होगा।
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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लोगों ने चुनाव बहिष्कार करने का जैसे मन बना लिया है। चुनाव बहिष्कार के एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा में परेवापानी के बाद अब भैरीगुडा गांव के लोगों ने भी चुनाव में वोट नहीं डालने की घोषणा कर दी है। साथ ही वोट करने वालों पर जुर्माना लगाने का निर्णय भी किया है।
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भैरीगुडा गांव में करीब 400 लोगों की आबादी है। ग्रमीणों ने राजनीतिक दलों के नेताओं के अपने गांव में घुसने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं इस जिले में ग्रामीणों ने मतदान करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का भी निर्णय किया है। ग्रामीणों के मुताबिक अगर किसी परिवार का एक सदस्य भी मतदान करता है तो उसे पांच हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।
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भैरीगुडा के ग्रामीणों का कहना है कि आज तक उनके गांव में सड़क तक नहीं बन पाई है। गांव में आने-जाने में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। टूटी सड़कों की वजह से गांव में एम्बुलेंस तक नहीं पहुंच पाती और मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए पैदल ही खटिये पर लाद के ले जाना पड़ता है।
कई बार समय पर ईलाज नहीं मिल पाने की वजह से गांव के कई लोगों की मौत हो गई। बारिश के दिनों में कीचड़ में फिसलकर कई ग्रमीणों के हाथपैर तक टूट चुके हैं। गांव के लोगों का कहना है कि अपनी समस्या को लेकर वे नेताओं के पास भी गए लेकिन गांव की समस्याएं दूर नहीं हो पाई।
नेताओं के प्रति ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। चुनाव से पहले इन गांव के लोगों ने नेताओं के प्रति जैसा गुस्सा दिखाया है उससे यह तो साफ है कि लोकतंत्र के इस उत्सव में कुछ लोग गहरी उदासी में हैं और यह उदासी अब गहरी नाराजगी में तब्दील हो गई है जिसका सामना राजनीतिक दलों को करना होगा।