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Chhattisgarh: संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय को नहीं मिल रहा फंड, कुलपति को साय सरकार से उम्मीद
Fri, 02 Feb 2024 09:29 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 02 Feb 2024 09:29 PM IST
सार
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह ने कहा कि फंड नहीं मिलने के कारण कार्य को गति नहीं मिल सकी है नहीं तो एक साल पहले ही नए भवन में शिफ्ट हो जाते। वहीं विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विकसित भारत पर दो दिवसीय कार्यशाला तीन व पांच फरवरी को है।
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संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय को अब तक भकुरा अपने भवन में शिफ्ट नहीं होने के प्रश्न पर कुलपति अशोक सिंह ने कहा कि पिछली सरकार में फंड नहीं मिलने के कारण कई कार्य को गति नहीं मिल सका,नहीं तो 1 साल पहले ही शिफ्ट हो जाते। अब नई सरकार बनी है इससे काफी उम्मीद है।
विश्वविद्यालय को जितनी राशि की आवश्यकता है उसके लिए प्रपोजल बनाकर दिया गया है। कुलपति ने कहा कि इस कार्य के लिए मैं खुद रायपुर जाकर तीन-चार दिन बैठूंगा और इसे शीघ्र पूरा करूंगा। भकुरा में अबतक हुए भवन के कार्य को लेकर कहा कि अब तक ऑडिटोरियम, यूटिलिटी भवन हैंडोवर हो चुका है। एकेडमी बिल्डिंग भी बन गया है।
प्रशासनिक भवन के नीचे का फ्लोर का कार्य बचा हुआ है। जिसके लिए फंड सरकार से मांगा गया है। इसके अलावा कई अन्य कार्यों के लिए भी प्रपोजल दिया गया है। प्रपोजल की राशि शीघ्र ही मिलने की उम्मीद है। कुलपति ने कहा कि भकुरा के जैसे ही प्रशासनिक बिल्डिंग में हम बैथेगें और भी जो कार्य बचे हुए हैं उसमें तेजी आएगी।
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शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा अम्बिकापुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विकसित भारत 2047 विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला के आयोजन को लेकर कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह ने कहा कि तीन फरवरी और पांच फरवरी को विश्वविद्यालय मे कार्यशाला होगी।
उक्त कार्यशाला में रिटायर्ड इंडियन फॉरेन सर्विस के राजीव मिश्रा एवं विज़िटिंग फैकल्टी एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट पटना बिहार के पूर्व फेलो आई आई ए एस शिमला डॉक्टर रत्नाकर त्रिपाठी कार्यशाला में विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। कुलपति प्रोफ़ेसर अशोक सिंह ने कहा कि उक्त कार्यशाला के माध्यम से जितनी ज्यादा एक्टिविटी हो उतना ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं विकसित भारत 2047 के विजन को साकार किया जा सकता है, इसलिए यह कार्यशाला विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया गया है।
सत्र 2023-24 की वार्षिक परीक्षा 14 मार्च से होगी शुरू, 51 परीक्षा केंद्रो में होगी संपन्न
आगामी विश्वविद्यालयीन मुख्य परीक्षा 2023-24 के वार्षिक परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय के कुल सचिव विनोद एक्का ने बताया कि वार्षिक परीक्षा 14 मार्च से शुरू होगी। इसके लिए 51 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें परीक्षा संपन्न होगी। इस बार 54000 बच्चों ने फॉर्म भरा हैं।
जिसमें नियमित 49535 छात्र परीक्षा देंगे एवं शेष प्राइवेट छात्र परीक्षा देंगे।विश्वविद्यालय अंतर्गत कुल 55 शासकीय महाविद्यालय एवं 32 अशासकीय हैं। जिनके छात्र परीक्षा देंगे। एक्का ने बताया कि तीन-चार दिन के अंदर सप्लीमेंट का रिजल्ट आ जाएगा।
विद्यार्थी अब डिग्री के लिए नहीं होंगे परेशान
वार्ता के दौरान कुल सचिव विनोद एक्का ने बताया कि विश्वविद्यालय में डिग्री का फॉर्मेट मंगा लिया गया है। मशीन भी ले आए हैं। पहले छात्रों को डिग्री देने में चार-पांच माह लग जाता था। अब दो दिन के अंदर पूरा डाटा फॉर्मेट में डालकर दे देंगे। इससे छात्रों को काफी सहूलियत होगी।
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विश्वविद्यालय को जितनी राशि की आवश्यकता है उसके लिए प्रपोजल बनाकर दिया गया है। कुलपति ने कहा कि इस कार्य के लिए मैं खुद रायपुर जाकर तीन-चार दिन बैठूंगा और इसे शीघ्र पूरा करूंगा। भकुरा में अबतक हुए भवन के कार्य को लेकर कहा कि अब तक ऑडिटोरियम, यूटिलिटी भवन हैंडोवर हो चुका है। एकेडमी बिल्डिंग भी बन गया है।
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प्रशासनिक भवन के नीचे का फ्लोर का कार्य बचा हुआ है। जिसके लिए फंड सरकार से मांगा गया है। इसके अलावा कई अन्य कार्यों के लिए भी प्रपोजल दिया गया है। प्रपोजल की राशि शीघ्र ही मिलने की उम्मीद है। कुलपति ने कहा कि भकुरा के जैसे ही प्रशासनिक बिल्डिंग में हम बैथेगें और भी जो कार्य बचे हुए हैं उसमें तेजी आएगी।
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शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा अम्बिकापुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विकसित भारत 2047 विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला के आयोजन को लेकर कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह ने कहा कि तीन फरवरी और पांच फरवरी को विश्वविद्यालय मे कार्यशाला होगी।
उक्त कार्यशाला में रिटायर्ड इंडियन फॉरेन सर्विस के राजीव मिश्रा एवं विज़िटिंग फैकल्टी एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट पटना बिहार के पूर्व फेलो आई आई ए एस शिमला डॉक्टर रत्नाकर त्रिपाठी कार्यशाला में विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। कुलपति प्रोफ़ेसर अशोक सिंह ने कहा कि उक्त कार्यशाला के माध्यम से जितनी ज्यादा एक्टिविटी हो उतना ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं विकसित भारत 2047 के विजन को साकार किया जा सकता है, इसलिए यह कार्यशाला विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया गया है।
सत्र 2023-24 की वार्षिक परीक्षा 14 मार्च से होगी शुरू, 51 परीक्षा केंद्रो में होगी संपन्न
आगामी विश्वविद्यालयीन मुख्य परीक्षा 2023-24 के वार्षिक परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय के कुल सचिव विनोद एक्का ने बताया कि वार्षिक परीक्षा 14 मार्च से शुरू होगी। इसके लिए 51 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें परीक्षा संपन्न होगी। इस बार 54000 बच्चों ने फॉर्म भरा हैं।
जिसमें नियमित 49535 छात्र परीक्षा देंगे एवं शेष प्राइवेट छात्र परीक्षा देंगे।विश्वविद्यालय अंतर्गत कुल 55 शासकीय महाविद्यालय एवं 32 अशासकीय हैं। जिनके छात्र परीक्षा देंगे। एक्का ने बताया कि तीन-चार दिन के अंदर सप्लीमेंट का रिजल्ट आ जाएगा।
विद्यार्थी अब डिग्री के लिए नहीं होंगे परेशान
वार्ता के दौरान कुल सचिव विनोद एक्का ने बताया कि विश्वविद्यालय में डिग्री का फॉर्मेट मंगा लिया गया है। मशीन भी ले आए हैं। पहले छात्रों को डिग्री देने में चार-पांच माह लग जाता था। अब दो दिन के अंदर पूरा डाटा फॉर्मेट में डालकर दे देंगे। इससे छात्रों को काफी सहूलियत होगी।