फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Ambikapur News ›   Elephant enters PEKB mine, rescued by forest workers after two hours of effort.

सरगुजा: कोयला खदान में घुसा दंतैल, कर्मचारियों में मचा हड़कंप; 2 घंटे बाद जंगल की ओर निकाला गया

Sat, 29 Aug 2026 07:21 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर Published by: अंबिकापुर ब्यूरो Updated Sat, 29 Aug 2026 07:21 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में इन दिनों एक दंतैल हाथी की मौजूदगी ने ग्रामीणों और वन विभाग की चिंता बढ़ा रखी है। शुक्रवार देर रात यही हाथी अचानक पीईकेबी कोयला खदान के भीतर पहुंच गया।

विज्ञापन
Elephant enters PEKB mine, rescued by forest workers after two hours of effort.
कोयला खदान में घुसा दंतैल, कर्मचारियों में मचा हड़कंप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में इन दिनों एक दंतैल हाथी की मौजूदगी ने ग्रामीणों और वन विभाग की चिंता बढ़ा रखी है। शुक्रवार देर रात यही हाथी अचानक पीईकेबी कोयला खदान के भीतर पहुंच गया। खनन क्षेत्र में हाथी को देखकर वहां काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कंटीले तारों से घिरे परिसर में हाथी काफी देर तक घूमता रहा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को सुरक्षित खदान क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया।
विज्ञापन


उदयपुर रेंजर फेकू चौबे के अनुसार, वन विभाग की टीम पहले से ही हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे से परोगिया, सैदु, सुसकम, घाटबर्रा और फतेपुर क्षेत्र के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सूचना दी जा रही थी। रात करीब 12 बजे घाटबर्रा के जंगल की ओर से हाथी के चिंघाड़ने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद वनकर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की और लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक करते हुए खदान क्षेत्र की ओर बढ़े। करीब डेढ़ से दो बजे के बीच टीम हाथी के नजदीक पहुंची।
विज्ञापन


खदान के भीतर कई जगह वाहन से पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में वनकर्मियों को करीब 2 से 3 किलोमीटर तक पैदल चलकर आगे बढ़ना पड़ा। मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने बेहद सावधानी से हाथी को खदान परिसर से बाहर की दिशा में मोड़ना शुरू किया। लगभग दो घंटे की कोशिश के बाद हाथी खदान से बाहर निकल गया। सुबह करीब 4 बजे हाथी के सुरक्षित बाहर निकलने पर सभी ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनुमति के इंतजार में भी लगा समय
खदान परिसर में प्रवेश के लिए कंपनी की अनुमति और निर्धारित पास जरूरी होने के कारण वन अमले को कुछ देर इंतजार करना पड़ा। बाद में कंपनी के कैंपर वाहन से टीम को खदान के एक हिस्से तक पहुंचाया गया। इसके बाद आगे का रास्ता पैदल तय किया गया। रेस्क्यू अभियान में वनपाल राम बिलास सिंह, वनरक्षक भरत सिंह, बृजभान सिंह, सुरक्षा श्रमिक जयनाथ सिंह और वाहन चालक नरेंद्र राजवाड़े सक्रिय रहे। वन विभाग अब भी हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और आसपास के गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed