फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Ajay Kumar Mandavi of Naxalbari, Chhattisgarh received Padma Award

Padma awards : कौन हैं पद्मश्री से सम्मानित होने वाले छत्तीसगढ़ के नक्सलबाड़ी के अजय कुमार मंडावी

Thu, 26 Jan 2023 07:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क अमर उजाला, छत्तीसगढ़
न्यूज डेस्क अमर उजाला, छत्तीसगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 26 Jan 2023 07:30 AM IST
विज्ञापन
Ajay Kumar Mandavi of Naxalbari, Chhattisgarh received Padma Award
अजय मंडावी - फोटो : अमर उजाला

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अजय मंडावी ने काष्ठ शिल्प कला में गोंड ट्राईबल कला का समागम किया है। उन्होंने नक्सली क्षेत्र के प्रभावित और भटके हुए लोगों को काष्ठ शिल्प कला से जोड़ते हुए क्षेत्र के 350 से ज्यादा लोगों के जीवन में बदलाव लेकर आने के साथ-साथ लकड़ी की अद्भुत कला से युवाओं को जोड़ा है। युवाओ क हाथ से बंदूक छुड़ाकर छेनी उठाने के लिए प्रेरित करने जैसे कार्यों के लिए मंडावी को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है। 

विज्ञापन


आपको बता दें कि अजय कुमार मंडावी छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में निवास करते हैं। बीते दिनों लकड़ी पर कलाकारी करते हुए इन्होंने बाइबल, भगवत गीता, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, प्रसिद्ध कवियों की रचनाएं को उकेरने का काम किया। कांकेर जिले के ग्राम गोविंदपुर के रहने वाले अजय कुमार का पूरा परिवार आज किसी न किसी कला से जुड़ा हुआ है। कहीं न कहीं उन्हें यह कला विरासत में मिली है। उनके पिता आरती मंडावी मिट्टी की मूर्तियां बनाने का काम करते थे जबकि उनकी मां सरोज मंडावी पेंटिंग का काम किया करती थीं। इतना ही नहीं उनके भाई विजय मंडावी एक अच्छे अभिनेता व मंच संचालक भी हैं।
विज्ञापन


कांकेर के जेल में 200 से अधिक बंदी आज काष्ठ  कला में काफी हद तक पारंगत हो चुके हैं जोकि अजय कुमार मंडावी की मेहनत है। आज उस क्षेत्र के बंदी भी इस बात को मानते हैं कि यह कला नहीं बल्कि एक तपस्या है काष्ठ कला ने बंदी नक्सलियों के विचारों को पूरी तरीके से बदल कर रख दिया है इसीलिए यह माना जाता है कि सभी बंदूकों की भाषा बोलने वाले आज अपनी कला से कमाई से ऐसे ऐसे अनाथ व गरीब बच्चों की मदद कर रहे हैं जो कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कांकेर जिले में एक खूंखार नक्सली चैतू का उदाहरण लेकर कई बार ऐसा बताया जाता है कि जिले की जेल में बंद खूंखार नक्सली चैतू कभी क्षेत्र क्षेत्र के जंगलों में आतंक बरपाया करता था। उसने कई बेकसूर ग्रामीणों की हत्या भी की थी लेकिन 2016 में कोयलीबेड़ा के जंगल में उसे गिरफ्तार किया गया था। आज चेतू काष्ठ कला के जरिए देशभर में सम्मानित हो चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed