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Raipur News: धान परिवहन में अनियमितता पर प्रशासन सख्त, छह राइस मिलों और सात समिति प्रबंधकों को नोटिस

Thu, 15 Jan 2026 06:02 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 15 Jan 2026 06:02 PM IST
सार

धान उपार्जन केंद्रों से राइस मिलों तक परिवहन के दौरान ओवरलोड वाहनों के उपयोग की शिकायत सामने आने पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए 6 राइस मिलों और 7 समिति प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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Administration strict on irregularities in paddy transportation notice to 6 rice mills and 7committee managers
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले में धान खरीदी और उसके परिवहन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। धान उपार्जन केंद्रों से राइस मिलों तक परिवहन के दौरान ओवरलोड वाहनों के उपयोग की शिकायत सामने आने पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए 6 राइस मिलों और 7 समिति प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कुछ राइस मिलर्स द्वारा धान परिवहन में उपयोग किए जा रहे वाहनों को क्षमता से 200 प्रतिशत से अधिक ओवरलोड किया जा रहा था। इस अनियमितता की जानकारी ‘सतर्क ऐप’ के जरिए अलर्ट के रूप में सामने आई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ओवरलोड वाहनों का उपयोग छत्तीसगढ़ धान उपार्जन नीति का सीधा उल्लंघन है।
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जांच के बाद मेसर्स जय शंकर इंडस्ट्रीज, किशन एग्रो इंडस्ट्रीज, मां गायत्री इंडस्ट्रीज, ग्रीन एग्री कॉर्पो प्राइवेट लिमिटेड, छापरियां एग्रो इंडस्ट्रीज और गुरुनानक राइस मिल को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही टंडवा, नरदाह, पटेवा, भैंसा, कोसरंगी, सिवनी और बिलाड़ी उपार्जन केंद्रों के समिति प्रबंधक और अध्यक्षों को भी ओवरलोड वाहनों को अनुमति देने के मामले में जवाब तलब किया गया है।
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इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी के दौरान यह भी पाया गया कि सेजा, सिवनी, फरहदा, लखौली, टाटीबंध, कुंरा, गनौद, बरतोरी, खौली, देवरी और तामासिवनी उपार्जन केंद्रों में किसानों के प्लास्टिक बोरों से सीधे समिति के जूट बोरों में धान पलटी किया जा रहा था। जबकि नियमानुसार धान को पहले ढेरी बनाकर एफएकयू गुणवत्ता मानकों की जांच के बाद जूट बोरों में भरकर वजन किया जाना चाहिए। इस नियम उल्लंघन पर भी संबंधित समितियों को नोटिस जारी किए गए हैं।


अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर ने बताया कि जिले में धान खरीदी और उठाव की पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग सतर्क ऐप के माध्यम से की जा रही है। परिवहन वाहनों की जीपीएस तकनीक से ट्रैकिंग की जा रही है और संवेदनशील उपार्जन केंद्रों पर लगे कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सतत निगरानी और कठोर कार्रवाई जारी रखेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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