{"_id":"67a6ed2affbc73662700673f","slug":"a-team-of-32-ifs-officers-arrived-to-study-the-best-practices-of-forest-management-in-chhattisgarh-2025-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: वन प्रबंधन की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं का अध्ययन करने पहुंचे 32 आइएफएस अधिकारियों का दल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: वन प्रबंधन की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं का अध्ययन करने पहुंचे 32 आइएफएस अधिकारियों का दल
Sat, 08 Feb 2025 11:05 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 08 Feb 2025 11:05 AM IST
सार
भारतीय वन सेवा के 32 अधिकारियों का एक दल मध्य कैरियर प्रशिक्षण फेज-3 के तहत छत्तीसगढ़ के वन प्रबंधन मॉडल का अध्ययन करने के लिए रायपुर पहुंचा।
विज्ञापन
वन प्रबंधन की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं का अध्ययन करने पहुंचे 32 आइएफएस अधिकारियों का दल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय वन सेवा के 32 अधिकारियों का एक दल मध्य कैरियर प्रशिक्षण फेज-3 के तहत छत्तीसगढ़ के वन प्रबंधन मॉडल का अध्ययन करने के लिए रायपुर पहुंचा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून की ओर से आयोजित इस अध्ययन यात्रा का उद्देश्य लघु वनोपज प्रबंधन, सामुदायिक वन प्रबंधन और मृदा-नमी संरक्षण की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं को समझना है।
रायपुर में अधिकारियों ने अरण्य भवन, नवा रायपुर में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी श्रीनिवास राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर राव ने सतत वन प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों और रणनीतियों को साझा किया। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग की विभिन्न पहलों पर प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज महासंघ के प्रबंध संचालक अनिल कुमार साहू ने लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मॉडल जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बैठक में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू प्रबंध) सुनील कुमार मिश्रा ने मृदा एवं जल संरक्षण योजनाओं पर जानकारी दी, जबकि सीईओ कैम्पा ओपी यादव ने वनों में जलधाराओं के पुनर्जीवन के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। प्रभारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संयुक्त वन प्रबंधन) नावेद शुजाउद्दीन ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वन अधिकार और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पर चर्चा की।
विज्ञापन
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य योजना) मोरिस नंदी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (बजट) संगीता गुप्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) प्रेम कुमार, मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक (बांस मिशन) एस वेंकटाचलम, मुख्य वन संरक्षक रायपुर राजू अगासीमनी, कैम्पा के संयुक्त सीईओ अमिताभ बाजपेई, वन संरक्षक सातोविषा समाजदार, वन संरक्षक (उत्पादन) सलमा फारूकी और वन संरक्षक मणिवासगन शामिल थे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और उपयोगी सुझाव दिए।
बैठक के बाद अधिकारियों ने नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी का दौरा किया, जहां सातोविषा समाजदार और गणवीर धामशील ने उन्हें वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन की जानकारी दी। इसके बाद आईएफएस अधिकारियों का दल धमतरी वनमंडल का दौरा करेगा, जहां वनमंडलाधिकारी धमतरी, जाधव कृष्ण के समन्वय में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इस दौरान अधिकारी पाम्पर नाला में मृदा एवं जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण करेंगे, दुगली में स्थित लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र का दौरा करेंगे और रायपुर के संजीवनी एवं बांस एम्पोरियम में वन उत्पादों से जुड़े मूल्य संवर्धन के प्रयासों को समझेंगे।
विज्ञापन
रायपुर में अधिकारियों ने अरण्य भवन, नवा रायपुर में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी श्रीनिवास राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर राव ने सतत वन प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों और रणनीतियों को साझा किया। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग की विभिन्न पहलों पर प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज महासंघ के प्रबंध संचालक अनिल कुमार साहू ने लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मॉडल जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विज्ञापन
बैठक में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू प्रबंध) सुनील कुमार मिश्रा ने मृदा एवं जल संरक्षण योजनाओं पर जानकारी दी, जबकि सीईओ कैम्पा ओपी यादव ने वनों में जलधाराओं के पुनर्जीवन के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। प्रभारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संयुक्त वन प्रबंधन) नावेद शुजाउद्दीन ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वन अधिकार और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पर चर्चा की।
विज्ञापन
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य योजना) मोरिस नंदी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (बजट) संगीता गुप्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) प्रेम कुमार, मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक (बांस मिशन) एस वेंकटाचलम, मुख्य वन संरक्षक रायपुर राजू अगासीमनी, कैम्पा के संयुक्त सीईओ अमिताभ बाजपेई, वन संरक्षक सातोविषा समाजदार, वन संरक्षक (उत्पादन) सलमा फारूकी और वन संरक्षक मणिवासगन शामिल थे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और उपयोगी सुझाव दिए।
बैठक के बाद अधिकारियों ने नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी का दौरा किया, जहां सातोविषा समाजदार और गणवीर धामशील ने उन्हें वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन की जानकारी दी। इसके बाद आईएफएस अधिकारियों का दल धमतरी वनमंडल का दौरा करेगा, जहां वनमंडलाधिकारी धमतरी, जाधव कृष्ण के समन्वय में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इस दौरान अधिकारी पाम्पर नाला में मृदा एवं जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण करेंगे, दुगली में स्थित लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र का दौरा करेंगे और रायपुर के संजीवनी एवं बांस एम्पोरियम में वन उत्पादों से जुड़े मूल्य संवर्धन के प्रयासों को समझेंगे।