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जगदलपुर में ऑनलाइन फ्रॉड: सिर्फ एक हजार 844 रुपये के ऑर्डर से शुरू हुई ठगी, 11 लाख गवां बैठी महिला
Sun, 21 Sep 2025 12:05 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:05 PM IST
सार
पीड़िता ने पैसे जमा कर दिए, जिसके बाद ठगों ने लगातार अलग-अलग बहाने गढ़कर उनसे रकम मंगाना शुरू कर दिया। कभी लेट फीस, कभी आरबीआई से मंजूरी शुल्क और कभी बोनस का लालच देकर महिला को रकम ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया गया।
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थाना कोतवाली जगदलपुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर शहर की एक महिला से ठगों ने 11 लाख रुपये से अधिक की रकम हड़प ली। पीड़िता ने महज एक हजार 844 रुपये का सामान ऑर्डर किया था, लेकिन कॉल पर खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले ठगों ने धीरे-धीरे उन्हें अलग-अलग खातों में भारी रकम जमा कराने के लिए मजबूर किया। मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता एक स्कूल में कर्मचारी हैं। उन्होंने 31 जुलाई 2025 को मिशो ऐप से एक सामान का ऑर्डर किया। इसके तुरंत बाद उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को मिशो का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनका पेमेंट फंस गया है और उसे रिफंड कराने के लिए 2 हजार रुपये जमा करने होंगे।
पीड़िता ने पैसे जमा कर दिए, जिसके बाद ठगों ने लगातार अलग-अलग बहाने गढ़कर उनसे रकम मंगाना शुरू कर दिया। कभी लेट फीस, कभी आरबीआई से मंजूरी शुल्क और कभी बोनस का लालच देकर महिला को रकम ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया गया।
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31 जुलाई से 30 अगस्त 2025 के बीच महिला ने करीब 25 अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर रकम भेजी। इन ट्रांजैक्शनों में 1,844 रुपये से लेकर 1.44 लाख रुपये तक की बड़ी-बड़ी रकम शामिल रही। इस तरह महिला से कुल 11 लाख 39 हजार 796 रुपये ठग लिए गए। जब महिला को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तब उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता एक स्कूल में कर्मचारी हैं। उन्होंने 31 जुलाई 2025 को मिशो ऐप से एक सामान का ऑर्डर किया। इसके तुरंत बाद उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को मिशो का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनका पेमेंट फंस गया है और उसे रिफंड कराने के लिए 2 हजार रुपये जमा करने होंगे।
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पीड़िता ने पैसे जमा कर दिए, जिसके बाद ठगों ने लगातार अलग-अलग बहाने गढ़कर उनसे रकम मंगाना शुरू कर दिया। कभी लेट फीस, कभी आरबीआई से मंजूरी शुल्क और कभी बोनस का लालच देकर महिला को रकम ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया गया।
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31 जुलाई से 30 अगस्त 2025 के बीच महिला ने करीब 25 अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर रकम भेजी। इन ट्रांजैक्शनों में 1,844 रुपये से लेकर 1.44 लाख रुपये तक की बड़ी-बड़ी रकम शामिल रही। इस तरह महिला से कुल 11 लाख 39 हजार 796 रुपये ठग लिए गए। जब महिला को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तब उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।