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रायगढ़: नाबार्ड योजना के नाम पर 50 लाख की ठगी, महिला डायरेक्टर से धोखाधड़ी; पुलिस ने दर्ज किया मामला
Thu, 22 May 2025 05:04 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 22 May 2025 05:04 PM IST
सार
रायगढ़ जिले में रंजीत चौहान और सुदीप मंडल ने नाबार्ड योजना के तहत छह करोड़ का प्रोजेक्ट दिलाने का झांसा देकर अनिता साहू से 50 लाख रुपये ठग लिए। चक्रधर नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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थाना चक्रधर नगर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायगढ़ जिले में शातिर ठग रंजीत चौहान और उनके साथी सुदीप मंडल ने नाबार्ड योजना के तहत छह करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर एक महिला से 50 लाख रुपये की ठगी की। पीड़िता की शिकायत के आधार पर चक्रधर नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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क्या है मामला?
चक्रधर नगर थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता अनिता साहू ग्राम खोखरी स्थित महानदी एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की डायरेक्टर हैं। उनकी कंपनी किसानों को खाद, बीज और दवाइयां बेचती है। अनिता ने बताया कि उनकी मुलाकात रंजीत चौहान और सुदीप मंडल से सुनील कश्यप, अभिषेक देवांगन, छवि बंजारे, मनहरन पटेल और सुरेश वानी के माध्यम से हुई। रंजीत ने दावा किया कि उनकी कंपनी को नाबार्ड योजना के तहत एक महीने में 6 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट दिला सकता है, बशर्ते 50 लाख रुपये असिम कृपा फाउंडेशन के खाते में जमा किए जाएं।
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धोखाधड़ी का तरीका
अनिता ने शुरू में राशि जमा करने से इनकार कर दिया, लेकिन रंजीत ने 15 नवंबर 2024 को 9 फरवरी 2025 की तारीख वाला 50 लाख रुपये का चेक दिया। इसके बाद, अनिता ने रंजीत पर भरोसा करते हुए 20 नवंबर 2024 को 5 लाख, 22 नवंबर को 5 लाख, 25 नवंबर को 2 लाख, 16 दिसंबर को 2.5 लाख और 18 दिसंबर 2024 को 50 हजार रुपये एनईएफटी के माध्यम से असिम कृपा फाउंडेशन के खाते में जमा किए। इसके अलावा, 5 जनवरी 2025 को 23 लाख रुपये नकद रंजीत के बोईरदादर स्थित कार्यालय में दिए गए। इस तरह कुल 50 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
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ठगी का खुलासा
अनिता को अखबारों के माध्यम से पता चला कि रंजीत और सुदीप के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। रंजीत ने दावा किया कि नाबार्ड प्रोजेक्ट के लिए 2 करोड़ रुपये का चेक तैयार है, और अनिता को 50 लाख रुपये जमा करने को कहा। हालांकि, जब अनिता ने रंजीत द्वारा दिया गया चेक (आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, चेक नंबर 000019) एसबीआई बैंक की शिवरीनारायण शाखा में भुनाने की कोशिश की, तो पता चला कि खाते में राशि नहीं है। बाद में, 2 करोड़ रुपये के चेक की जांच करने पर पता चला कि खाता नवंबर 2024 से बंद है। रंजीत से बार-बार संपर्क करने की कोशिश नाकाम रही, जिसके बाद अनिता को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत पर चक्रधर नगर पुलिस ने रंजीत चौहान और सुदीप मंडल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है, और मामले की जांच जारी है।