{"_id":"6aa2a0517a9231d3e80633ff","slug":"50-discount-on-registration-fees-for-property-in-women-s-names-boosts-registrations-in-chhattisgarh-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: महिलाओं के नाम संपत्ति पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से बढ़ीं रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: महिलाओं के नाम संपत्ति पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से बढ़ीं रजिस्ट्री
Thu, 10 Sep 2026 05:51 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 10 Sep 2026 05:51 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में जमीन-मकान की रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चालू वित्तीय वर्ष में 8 सितंबर तक 1.60 लाख से ज्यादा संपत्तियों का पंजीयन हो चुका है, जो पिछले साल की तुलना में 13.2 प्रतिशत अधिक है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में संपत्ति की खरीद-बिक्री में तेजी दर्ज की जा रही है और चालू वित्तीय वर्ष में जमीन-मकान की रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 8 सितंबर तक 1,60,981 संपत्तियों का पंजीयन हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 1,42,187 रजिस्ट्री हुई थीं। इस प्रकार अब तक 18,794 अधिक दस्तावेज का पंजीयन हुआ है, जो 13.2 प्रतिशत की वृद्धि है। जुलाई में पंजीयन में 30 प्रतिशत और 1 से 31 अगस्त के बीच 38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। मई में लागू नियम के अनुसार महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है।
संपत्ति पंजीयन में भारी बढ़त
राज्य में संपत्ति की खरीदी में आई तेजी का मुख्य कारण पंजीयन दरों में दी गई छूट और प्रक्रियाओं का सरलीकरण है। जरूरतमंदों के साथ-साथ निवेशकों ने भी संपत्ति में निवेश बढ़ा दिया है। महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट के प्रावधान के के चार महीनों में ही 40,886 से अधिक पंजीयन दस्तावेज महिलाओं के नाम पर दर्ज किए जा चुके हैं। इस छूट ने महिलाओं के नाम जमीन और मकान की रजिस्ट्री को बढ़ावा दिया है।
शुल्क रियायत एवं प्रक्रिया सुधार
राज्य सरकार ने पारिवारिक विलेखों पर भी राहत दी है। परिवार के भीतर दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारे के दस्तावेज पर पंजीयन शुल्क घटाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट मिली है। विभिन्न प्रावधानों के माध्यम से आम नागरिकों को लगभग 1,100 करोड़ रुपये की पंजीयन शुल्क संबंधी रियायतें दी गई हैं। लोगों को घर बैठे रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत अब तक 2.78 लाख से अधिक स्वतः नामांतरण पूरे हो चुके हैं।
विज्ञापन
त्योहारी सीजन की विशेष तैयारी
त्योहारी सीजन को देखते हुए पंजीयन कार्यालयों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू हो रहा है, जिसके बाद नवरात्र, दशहरा और दिवाली तक प्रापर्टी की खरीद-बिक्री और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। इन अवसरों पर अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री की व्यवस्था की जाएगी। पंजीयन एवं मुद्रांक रायपुर के आईजी पुष्पेंद्र मीणा ने बताया कि त्योहारी सीजन में रजिस्ट्री का कार्य बाधित न हो, इसके लिए सभी पंजीयन कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए गए हैं
विज्ञापन
संपत्ति पंजीयन में भारी बढ़त
राज्य में संपत्ति की खरीदी में आई तेजी का मुख्य कारण पंजीयन दरों में दी गई छूट और प्रक्रियाओं का सरलीकरण है। जरूरतमंदों के साथ-साथ निवेशकों ने भी संपत्ति में निवेश बढ़ा दिया है। महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट के प्रावधान के के चार महीनों में ही 40,886 से अधिक पंजीयन दस्तावेज महिलाओं के नाम पर दर्ज किए जा चुके हैं। इस छूट ने महिलाओं के नाम जमीन और मकान की रजिस्ट्री को बढ़ावा दिया है।
विज्ञापन
शुल्क रियायत एवं प्रक्रिया सुधार
राज्य सरकार ने पारिवारिक विलेखों पर भी राहत दी है। परिवार के भीतर दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारे के दस्तावेज पर पंजीयन शुल्क घटाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट मिली है। विभिन्न प्रावधानों के माध्यम से आम नागरिकों को लगभग 1,100 करोड़ रुपये की पंजीयन शुल्क संबंधी रियायतें दी गई हैं। लोगों को घर बैठे रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत अब तक 2.78 लाख से अधिक स्वतः नामांतरण पूरे हो चुके हैं।
विज्ञापन
त्योहारी सीजन की विशेष तैयारी
त्योहारी सीजन को देखते हुए पंजीयन कार्यालयों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू हो रहा है, जिसके बाद नवरात्र, दशहरा और दिवाली तक प्रापर्टी की खरीद-बिक्री और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। इन अवसरों पर अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री की व्यवस्था की जाएगी। पंजीयन एवं मुद्रांक रायपुर के आईजी पुष्पेंद्र मीणा ने बताया कि त्योहारी सीजन में रजिस्ट्री का कार्य बाधित न हो, इसके लिए सभी पंजीयन कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए गए हैं