छत्तीसगढ़: नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद 21 जवान लापता, गृहमंत्री शाह ने सीएम से की बात
- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शनिवार को नक्सली और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़
- मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हुए थे और 21 जवानों के लापता होने की खबर
- हमले में 30 जवान घायल, एनकाउंटर स्थल से महिला नक्सली का शव मिला
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छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर सीमावर्ती इलाके में शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए थे और 30 जवान घायल हो गए थे। वहीं ताजा जानकारी के मुताबिक इस मुठभेड़ में 21 जवानों के लापता होने की खबर है, जिनमें से सात जवान सीआरपीएफ के हैं।
इधर गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की है और सीआरपीएफ के महानिदेशक को घटनास्थल पर जाने के लिए कहा। वहीं सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। शहीद हुए पांच जवानों में से दो जवानों के शवों को बरामद कर लिया गया है।
वहीं पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव भी बरामद हुआ है। इस हमले में घायल हुए 23 जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती किया गया है तो वहीं सात जवान रायपुर के अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।
शहीद जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा देश : गृह मंत्री
इस नक्सली हमले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों को मेरा नमन है। देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। शांति और विकास के दुश्मनों के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी।
#UPDATE At least 15 jawans missing after yesterday's Sukma encounter. A reinforcement party rushed to the spot. Bodies of 2 out of 5 jawans who died in encounter recovered. Among injured jawans, 23 admitted to Bijapur Hospital & 7 to Raipur hospital: Chhattisgarh Police Sources
— ANI (@ANI) April 4, 2021
नक्सल विरोधी अभियान में दो हजार जवान शामिल
राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के पुलिस उप महानिरीक्षक ओपी पाल ने बताया कि शुक्रवार की रात बीजापुर और सुकमा जिले से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन, डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में बीजापुर जिले के तर्रेम, उसूर और पामेड़ से तथा सुकमा जिले के मिनपा और नरसापुरम से लगभग दो हजार जवान शामिल थे।
पाल ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान, बस्तरिया बटालियन के दो जवानों तथा डीआरजी के दो जवानों (कुल पांच जवानों) की मृत्यु हुई है। इस दौरान 30 जवान घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुठभेड़ में पांच जवानों की शहादत पर दुख व्यक्त किया है।
जवानों को हमले का पहले से अंदेशा था
ऐसा माना जा रहा है कि जवानों को नक्सलियों के हमले का पहले से अंदेशा था, इसलिए नक्सल विरोधी अभियान में दो हजार जवानों को शामिल किया गया था। बीजापुर-सुकमा जिले का सरहदी इलाका जोनागुड़ा नक्सलियों का मुख्य इलाका है। यहां नक्सलियों की पूरी बटालियन और कई प्लाटून हमेशा तैनात रहती हैं। इस पूरे इलाके की कमान महिला नक्सली सुजाता के हाथों में है।
ट्रैक्टर में साथियों के शव ले गए थे नक्सली
पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने कहा कि ये मुठभेड़ करीब दो-तीन घंटे चली। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, नक्सली दो ट्रैक्टरों में शवों को ले गए थे।