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बिलासपुर में पकड़े 23 बांग्लादेशी: टायर-ट्यूब के सहारे नदी पार कर भारत में घुसपैठ करते थे संदिग्ध
Tue, 08 Sep 2026 07:14 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 08 Sep 2026 07:14 PM IST
सार
पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकता के संदेह में पकड़े गए 23 लोगों की जांच के दौरान भारत में घुसपैठ के तरीकों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। संदिग्ध नागरिक सीमा पार करने के लिए दुर्गम नदी और जंगल के रास्तों का सहारा लेते थे।
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बिलासपुर में पकड़े 23 बांग्लादेशी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिलासपुर पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकता के संदेह में पकड़े गए 23 लोगों की जांच के दौरान भारत में घुसपैठ के तरीकों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में पता चला है कि संदिग्ध नागरिक सीमा पार करने के लिए दुर्गम नदी और जंगल के रास्तों का सहारा लेते थे। रात के अंधेरे में बड़े-बड़े टायरों और ट्यूबों में हवा भरकर गंगा-पदमा नदी पार कर भारत की सीमा में दाखिल होने की बात सामने आई है।
जांच के दौरान संदिग्धों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच बहने वाली गंगा-पदमा नदी के साथ सुंदरवन के घने जंगलों वाले इलाकों का उपयोग करते थे। नदी पार करने के लिए वे बड़े टायरों और ट्यूबों को पानी में तैरने लायक बनाते थे। इसके बाद उन पर बैठकर रात के अंधेरे में नदी पार करने की कोशिश करते थे। कुछ मामलों में सीमा पार करते समय वे अपने साथ मवेशियों और अन्य पशुओं को भी लाते थे। आवाजाही के लिए सीमा क्षेत्र के ऐसे हिस्सों को चुना जाता था, जहां घने जंगल, नदी और दुर्गम इलाका होने के कारण सुरक्षा बलों की निगरानी अपेक्षाकृत कठिन होती है।
बिलासपुर में पकड़े गए संदिग्धों के दस्तावेज की जांच में पुलिस को कई गंभीर विसंगतियां मिली हैं। प्राथमिक जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि कुछ मामलों में पहचान पत्र बनवाते समय फर्जीवाड़ा किया गया। आधार कार्ड में पत्नी के पिता यानी ससुर के नाम को ही पिता के नाम के रूप में दर्ज करा दिया गया है। संदिग्ध दस्तावेज और उनके मूल पते के सत्यापन के लिए बिलासपुर पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर पहुंची है। संबंधित दस्तावेज वहां के पुलिस प्रशासन को सौंप दिए गए हैं और आधिकारिक सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि संदिग्धों के सत्यापन के दौरान उनके दस्तावेज और मूल निवास को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पहचान से जुड़े दस्तावेज में मिली कमियों और विसंगतियों की गहराई से जांच की जा रही है। पश्चिम बंगाल में संबंधित पते और दस्तावेज का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल से सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल बिलासपुर पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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जांच के दौरान संदिग्धों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच बहने वाली गंगा-पदमा नदी के साथ सुंदरवन के घने जंगलों वाले इलाकों का उपयोग करते थे। नदी पार करने के लिए वे बड़े टायरों और ट्यूबों को पानी में तैरने लायक बनाते थे। इसके बाद उन पर बैठकर रात के अंधेरे में नदी पार करने की कोशिश करते थे। कुछ मामलों में सीमा पार करते समय वे अपने साथ मवेशियों और अन्य पशुओं को भी लाते थे। आवाजाही के लिए सीमा क्षेत्र के ऐसे हिस्सों को चुना जाता था, जहां घने जंगल, नदी और दुर्गम इलाका होने के कारण सुरक्षा बलों की निगरानी अपेक्षाकृत कठिन होती है।
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बिलासपुर में पकड़े गए संदिग्धों के दस्तावेज की जांच में पुलिस को कई गंभीर विसंगतियां मिली हैं। प्राथमिक जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि कुछ मामलों में पहचान पत्र बनवाते समय फर्जीवाड़ा किया गया। आधार कार्ड में पत्नी के पिता यानी ससुर के नाम को ही पिता के नाम के रूप में दर्ज करा दिया गया है। संदिग्ध दस्तावेज और उनके मूल पते के सत्यापन के लिए बिलासपुर पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर पहुंची है। संबंधित दस्तावेज वहां के पुलिस प्रशासन को सौंप दिए गए हैं और आधिकारिक सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि संदिग्धों के सत्यापन के दौरान उनके दस्तावेज और मूल निवास को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पहचान से जुड़े दस्तावेज में मिली कमियों और विसंगतियों की गहराई से जांच की जा रही है। पश्चिम बंगाल में संबंधित पते और दस्तावेज का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल से सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल बिलासपुर पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।