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CG: अब झारखंड से जुड़ना हुआ आसान, कन्हर नदी बनने पर 20 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ, मंत्री नेताम ने किया निरीक्षण
Fri, 11 Apr 2025 07:45 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 11 Apr 2025 07:45 PM IST
सार
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड में कन्हर नदी पर बन रहे उच्चस्तरीय पुल का आज राज्य के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
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कन्हर नदी पर बन रहे पुल का मंत्री नेताम ने किया निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में शासन ने सीमावर्ती इलाकों के विकास की दिशा में एक और मजबूत कदम उठाया है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड में कन्हर नदी पर बन रहे उच्चस्तरीय पुल का आज राज्य के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। यह पुल न केवल सनावल क्षेत्र को झारखंड से जोड़ेगा, बल्कि दो राज्यों के बीच सड़क संपर्क का मुख्य माध्यम बनेगा।
निरीक्षण के दौरान मंत्री नेताम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना को तय समयसीमा में पूरा किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द सुविधा मिल सके। मंत्री नेताम ने कहा कि यह पुल क्षेत्रीय समेकित विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पुल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा संस्थान और बाजार अब ग्रामीणों की पहुंच में होंगे। इसके अलावा पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 15.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल 312 मीटर लंबा और 8.4 मीटर चौड़ा है। अब तक 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 12 पियर और 2 अबटमेंट में से अधिकांश का निर्माण पूरा हो गया है और स्लैब कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। जून 2025 तक पुल का निर्माण पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है।
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इस पुल से धौली, झारा, कुशफर, सेमरवा, पचावल, आनंदपुर जैसे 20 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। बरसात के समय जब नदी उफान पर होती है, तब लोगों को इलाज, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। पुल बन जाने के बाद यह समस्या इतिहास बन जाएगी। सनावल क्षेत्र के हजारों लोग रोजमर्रा के कामों के लिए झारखंड के गढ़वा, नगर उंटारी और धुरकी जाते हैं। पुल से इन स्थानों की दूरी घटेगी और यात्रा भी सुरक्षित होगी। यह सुविधा पूरे साल निर्बाध रूप से उपलब्ध रहेगी।
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निरीक्षण के दौरान मंत्री नेताम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना को तय समयसीमा में पूरा किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द सुविधा मिल सके। मंत्री नेताम ने कहा कि यह पुल क्षेत्रीय समेकित विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पुल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा संस्थान और बाजार अब ग्रामीणों की पहुंच में होंगे। इसके अलावा पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।
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लोक निर्माण विभाग द्वारा 15.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल 312 मीटर लंबा और 8.4 मीटर चौड़ा है। अब तक 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 12 पियर और 2 अबटमेंट में से अधिकांश का निर्माण पूरा हो गया है और स्लैब कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। जून 2025 तक पुल का निर्माण पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है।
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इस पुल से धौली, झारा, कुशफर, सेमरवा, पचावल, आनंदपुर जैसे 20 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। बरसात के समय जब नदी उफान पर होती है, तब लोगों को इलाज, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। पुल बन जाने के बाद यह समस्या इतिहास बन जाएगी। सनावल क्षेत्र के हजारों लोग रोजमर्रा के कामों के लिए झारखंड के गढ़वा, नगर उंटारी और धुरकी जाते हैं। पुल से इन स्थानों की दूरी घटेगी और यात्रा भी सुरक्षित होगी। यह सुविधा पूरे साल निर्बाध रूप से उपलब्ध रहेगी।