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छत्तीसगढ़: सरकारी नौकरी का झांसा देकर 15 युवाओं से 25 लाख की ठगी, सीआरपीएफ जवान समेत दो गिरफ्तार

Sat, 05 Sep 2026 07:09 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sat, 05 Sep 2026 07:09 PM IST
सार

बस्तर फाइटर और जिला बल में आरक्षक पद पर भर्ती कराने का लालच देकर 15 बेरोजगार युवाओं से 25,30,000 रुपये ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है।

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15 youths duped of Rs 25 lakh on the pretext of government jobs, two including CRPF jawan arrested
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बस्तर फाइटर और जिला बल में आरक्षक पद पर भर्ती कराने का लालच देकर 15 बेरोजगार युवाओं से 25,30,000 रुपये ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को पुलिस विभाग में ऊंची पहुंच वाला बताकर युवाओं को अपना शिकार बनाते थे। लंबे समय तक नौकरी न मिलने पर पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक लेन-देन के आधार पर यह कार्रवाई की।
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मुख्य आरोपी शत्रुघ्न टंडन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में आरक्षक के पद पर तैनात है। उसने अपने पद और विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों से पहचान का हवाला देकर युवाओं को झांसे में लिया। आरोपी युवाओं को बस्तर फाइटर और जिला बल में आरक्षक बनवाने का भरोसा देता था। उसने अभ्यर्थियों से अग्रिम राशि के रूप में मोटी रकम ऐंठ ली और बाकी पैसे नौकरी लगने के बाद देने की बात कही। आरोपी ने युवाओं से रकम के साथ उनके शैक्षणिक अंकसूची, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज भी अपने पास जमा करवा लिए थे।
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काफी समय बीत जाने पर भी जब किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति नहीं हुई, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद अभ्यर्थियों ने पुलिस से संपर्क कर अपनी आपबीती बताई। पुलिस ने फरसगांव और कोंडागांव सिटी कोतवाली थाने में अलग-अलग मामले दर्ज किए। कोंडागांव पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन हुआ। फरसगांव एसडीओपी अभिनव उपाध्याय और कोंडागांव एसडीओपी रूपेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब तीन महीने तक मामले की गहन छानबीन की। जांच के दौरान आरोपियों व पीड़ितों के बैंक खातों के लेन-देन और मोबाइल फोन के तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया गया।
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तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी शत्रुघ्न टंडन को बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र अंतर्गत देवरीखुर्द से पकड़ा। वहीं उसके सहयोगी बुध सिंह मरकाम को फरसगांव के भरीपारा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन, युवाओं के दस्तावेज की फाइलें, डायरी और लेन-देन का हिसाब-किताब रखने वाला रजिस्टर बरामद किया है। पुलिस अब इन रजिस्टरों और दस्तावेज की जांच कर रही है ताकि गिरोह द्वारा ठगे गए अन्य लोगों और पैसों के प्रवाह के संबंध में अतिरिक्त जानकारियां जुटाकर कार्रवाई की जा सके।
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