फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   road accident, panchkula accident, manimajra family accident, accident news, panchkula news

'ना राखी बांधने वाली रही और ना आशीर्वाद देने वाले मां-बाप'

Fri, 11 Mar 2016 04:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Fri, 11 Mar 2016 04:10 PM IST
विज्ञापन
road accident, panchkula accident, manimajra family accident, accident news, panchkula news
हादसे में खत्म मनीमाजरा का परिवार - फोटो : अमर उजाला
न तो मेरे हाथ पर राखी बांधने वाली बहन रही और न ही आशीर्वाद देने वाले मां-बाप। ये दर्द उस युवक ने बयां किया, जिसने हादसे में मां-बाप और बहन को खो दिया। एक ही झटके में अंकुश और उसके छोटे भाई अविनाश का हंसता-खेलता परिवार बिखर गया। क्योंकि इनकी कलई पर राखी बांधने वाली बहन और आशीर्वाद के लिए सिर पर हाथ रखने वाले माता-पिता दुनिया से चले गए।
विज्ञापन


अंकुश ने इस दर्दनाक घटनाक्रम को आंखों के सामने होते देखा। लिहाजा दृश्य को याद कर वह सिहर उठता है। माता-पिता व बहन के अंतिम संस्कार के बाद उसे परिवार के शुभचिंतकों के साथ एक कमरे में बामुश्किल सुलाने के प्रयास होते रहे।
विज्ञापन


परिवार के बेहद नजदीकी और बिजनेस में सहयोगी हरजिंद्र सिंह की मानें तो दोनों भाई बेहाल हैं। जहां एक ओर परिवार में बहन अमनदीप के विवाह की तैयारी और रिश्ते की बात चल रही थी, वहीं बुधवार के घटनाक्रम के बाद इस परिवार की तीन मंजिला कोठी से अमनदीप कौर अर्थी पर विदा हुई। बताया गया है कि 24 वर्षीया अमनदीप कौर नर्सिंग कोर्स कर रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेसी नेता का भाई था अमरजीत
मनीमाजरा व्यापार मंडल के नेता एवं कांग्रेसी नेता अशोक कुमार सैनी के बड़े भाई अमरजीत सैनी के साथ हुई इस घटना के पीछे आर्थिक परेशानी भी बताई जा रही है। पड़ोस के लोगों से जानकारी मिली है कि अमरजीत कमेटियों का काम करता था। इसी की वजह से वह पिछले कुछ दिनों से तनाव में था। पड़ोसियों की मानें तो अमरजीत व उनका पूरा परिवार व्यवहार कुशल था।


सदमा, आंसुओं और मातम में डूबा माजरी
शायद इससे पहले माजरी कालोनी निवासियों ने ऐसा मंजर नहीं देखा था। कल जो परिवार हंसता खेलता घर से निकला था। आज उसी परिवार के तीन सदस्यों की शव यात्रा जब मोहल्ले से निकली तो अंतिम यात्रा में कंधा देने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम संस्कार के दौरान हर किसी के चेहरे पर इस घटना का दर्द झलक रहा था। इस दौरान विलाप और आंसुओं से पूरा वातावरण गहरे सदमें और गम में डूबा दिखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed