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HMT के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के घर पहुंची पुलिस, नहीं मिले
ब्यूरो/अमर उजाला, पिंजौर/पंचकूला
Updated Sat, 02 Apr 2016 06:46 PM IST
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एचएमटी पिंजौर स्टाफ
- फोटो : अमर उजाला
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एचएमटी के ज्वाइंट जरनल मैनेजर कंवलजीत सिंह की आत्महत्या प्रकरण की जांच के लिए पुलिस कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के घर पहुंची, लेकिन वे मिले नहीं। पुलिस ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल केपी मिश्रा को शामिल होने के लिए सूचना भेजी है। पुलिस ने उनसे जांच में सहयोग करने का अपील की है।
वहीं, पुलिस ने केस को जल्द सुलझाने के लिए कंपनी में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी कब्जे में ले ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से जांच में काफी सहयोग मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि कंवलजीत सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल को भी खंगाला जा रहा है। कॉल डिटेल से पता लगाया जाएगा कि सुसाइड से पहले कितने लोगों से बात हुई है और क्या बात की गई है।
गौरतलब है कि एचएमटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केपी मिश्रा सुसाइड की घटना के अगले ही दिन लीव पर चले गए हैं। उनके छुट्टी पर जाने के कारण पुलिस जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। क्योंकि कंवजीत सिंह की पत्नी ने ईडी और कंपनी मैनेजमेंट को सुसाइड के लिए दोषी ठहराया है।
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घर पर नहीं मिले केपी मिश्रा: एसएचओ
एसएचओ पिंजौर ने बताया कि सुसाइड मामले की जांच में शामिल होने के कारण एचएमटी कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केपी मिश्रा के दफ्तर और घर पर संपर्क किया गया था। वह दोनों जगह उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद उनके निजी सचिव और घर से पता चला कि वह अस्वस्थ होने के कारण अवकाश पर हैं। मिश्रा तक यह सूचना भिजवा दी गई है कि वे स्वस्थ होने के बाद जल्द जांच में शामिल होकर पुलिस का सहयोग करें।
खंगाली जाएगी सुसाइड से पहले की काल डिटेल: एसीपी
कालका के एसपीपी राजेश कुमार ने बताया कि एचएमटी के ज्वाइंट जरनल मैनेजर कंवलजीत सिंह की आत्महत्या प्रकरण की जांच जारी है। पुलिस कंवलजीत सिंह की मोबाइल डिटेल भी निकलवा रही है, ताकि आत्महत्या से पहले उनकी सबसे ज्यादा किससे बातचीत हुई थी, उन लोगों से भी उक्त घटना से संबंधित जानकारी मिल सके।
कब्जे में ली सीसीटीवी फुटेज: डीसीपी
पंचकूला के डीसीपी अनिल कुमार धवन ने बताया कि घटना के दौरान उन्हें जानकारी दी गई थी कि एचएमटी पिंजौर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, लेकिन अमर उजाला के खुलासा करने के बाद तत्काल पिंजौर पुलिस को निर्देश जारी किया गया कि वह फुटेज को कब्जे में लें। जांच अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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वहीं, पुलिस ने केस को जल्द सुलझाने के लिए कंपनी में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी कब्जे में ले ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से जांच में काफी सहयोग मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि कंवलजीत सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल को भी खंगाला जा रहा है। कॉल डिटेल से पता लगाया जाएगा कि सुसाइड से पहले कितने लोगों से बात हुई है और क्या बात की गई है।
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गौरतलब है कि एचएमटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केपी मिश्रा सुसाइड की घटना के अगले ही दिन लीव पर चले गए हैं। उनके छुट्टी पर जाने के कारण पुलिस जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। क्योंकि कंवजीत सिंह की पत्नी ने ईडी और कंपनी मैनेजमेंट को सुसाइड के लिए दोषी ठहराया है।
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घर पर नहीं मिले केपी मिश्रा: एसएचओ
एसएचओ पिंजौर ने बताया कि सुसाइड मामले की जांच में शामिल होने के कारण एचएमटी कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केपी मिश्रा के दफ्तर और घर पर संपर्क किया गया था। वह दोनों जगह उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद उनके निजी सचिव और घर से पता चला कि वह अस्वस्थ होने के कारण अवकाश पर हैं। मिश्रा तक यह सूचना भिजवा दी गई है कि वे स्वस्थ होने के बाद जल्द जांच में शामिल होकर पुलिस का सहयोग करें।
खंगाली जाएगी सुसाइड से पहले की काल डिटेल: एसीपी
कालका के एसपीपी राजेश कुमार ने बताया कि एचएमटी के ज्वाइंट जरनल मैनेजर कंवलजीत सिंह की आत्महत्या प्रकरण की जांच जारी है। पुलिस कंवलजीत सिंह की मोबाइल डिटेल भी निकलवा रही है, ताकि आत्महत्या से पहले उनकी सबसे ज्यादा किससे बातचीत हुई थी, उन लोगों से भी उक्त घटना से संबंधित जानकारी मिल सके।
कब्जे में ली सीसीटीवी फुटेज: डीसीपी
पंचकूला के डीसीपी अनिल कुमार धवन ने बताया कि घटना के दौरान उन्हें जानकारी दी गई थी कि एचएमटी पिंजौर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, लेकिन अमर उजाला के खुलासा करने के बाद तत्काल पिंजौर पुलिस को निर्देश जारी किया गया कि वह फुटेज को कब्जे में लें। जांच अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।