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राहत: फीस नहीं जमा करवा पाने वाले बच्चों के नाम नहीं काट पाएंगे पंजाब के निजी स्कूल

Mon, 20 Jul 2020 07:48 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 20 Jul 2020 07:48 PM IST
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HC Instructions to Punjab Private schools not to cut any students name for fees
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

निजी स्कूलों द्वारा फीस वसूले के मामले में सोमवार को हाईकोर्ट की डबल बेंच से अभिभावकों और पंजाब सरकार कुछ राहत जरूर मिल गई है। अगर कोई छात्र फीस नहीं जमा करवा पाता है तो स्कूल उसका नाम नहीं काटेंगे। इसके लिए अभिभावकों को स्कूल को अर्जी देनी होगी। चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने सोमवार को लगभग ढाई घंटे चली सुनवाई के बाद यह निर्देश दिए हैं।

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हाईकोर्ट ने अभिभावकों और पंजाब सरकार की अपील पर प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांग लिया है लेकिन 30 जून के सिंगल बेंच के फैसले पर फिलहाल रोक लगाए जाने से इनकार कर दिया है और कहा है कि जब तक यह अपील हाईकोर्ट में लंबित है तब तक कोई स्कूल फीस न भर पाने के चलते छात्र का नाम नहीं कटेगा। 
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एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सिंगल बेंच ने निजी स्कूलों को एडमिशन और ट्यूशन फीस वसूली के आदेश दे दिए हैं, चाहे स्कूल ने ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी है या नहीं। नंदा ने कहा कि जिन स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास की सुविधा ही नहीं दी है वह स्कूल कैसे ट्यूशन फीस वसूल करने के हकदार हो सकते हैं। सरकार ने भी सिर्फ उन्ही स्कूलों को ट्यूशन फीस वसूली की इजाजत दी थी, जिन्होंने छात्रों को लॉकडाउन में ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी है।

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वहीं अभिभावकों की ओर से एडवोकेट चरणपाल सिंह बागड़ी ने दलील दी कि लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित अभिभावक हुए हैं, ऐसे में सिंगल बेंच ने अभिभावकों को कोई भी राहत दिए बिना सिर्फ निजी स्कूलों के हक में अपना फैसला सुना दिया जो सही नहीं है, क्योंकि लॉकडाउन से लाखों अभिभावकों की आय प्रभावित हुई है। कई का रोजगार चला गया या वेतन में कटौती हो गई है और कई को व्यवसाय में नुकसान उठाना पड़ा है, ऐसे में अभिभावकों को राहत दी जानी बेहद जरुरी है।

यह थे सिंगल बेंच के आदेश
सिंगल बेंच ने 30 जून को निजी स्कूलों की याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें एडमिशन और ट्यूशन फीस वसूले की इजाजत दे दी थी फिर चाहे किसी स्कूल ने लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी है या नहीं।  सभी स्कूल इस दौरान की ट्यूशन फीस अभिभावकों से वसूल सकते हैं।

सिंगल बेंच ने सभी निजी स्कूलों को इस वर्ष किसी भी किस्म की फीस बढ़ोतरी नहीं करने के आदेश दिए थे। स्कूल जो फीस 2019-20 में छात्रों से लेते थे, वही फीस ही इस वर्ष वसूल पाएंगे। अभिभावक के बारे में आदेश दिए थे कि जो अभिभावक फिलहाल लॉकडाउन के कारण खराब आर्थिक स्थिति में हैं और फीस नहीं दे सकते, वह इसके बारे में स्कूल को अर्जी देंगे और निजी स्कूलों को कहा था कि अगर उनके पास ऐसी अर्जी आती है तो वे इस पर संवेदनशीलता से गौर कर निर्णय लें। चाहे तो फीस माफ की जा सकती है या बाद में ली जा सकती है।

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