फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   accident, sonipat creepy accident, five people dead, mohali people, sonipat

अंतिम संस्कार पर जा रहे परिवार का सफर ही अंतिम बना, 5 मेंबर मरे

Thu, 14 Apr 2016 10:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Thu, 14 Apr 2016 10:46 AM IST
विज्ञापन
accident, sonipat creepy accident, five people dead, mohali people, sonipat
हंसते-खेलते परिवार की खुशियां कुछ ही पल में ही काफूर - फोटो : amarujala
जिस परिवार के पांच लोगों की एक ही दिन में मौत हुई हो, उस परिवार पर क्या गुजर रही होगी, उसका अंदाजा लगाना ही मुश्किल है। कैसे हालत में वो दोनों भाई अपने बच्चों को देख रहे होंगे, जिनकी पत्नियां हादसे के कारण असमय काल का ग्रास बन गईं। हंसते-खेलते परिवार की खुशियां कुछ ही पल में ही काफूर हो गई। अगर इस हादसे पर गौर से नजर डालें तो पता चलेगा कि इन पांच मौतों का आंकड़ा कम हो सकता था, अगर समय पर इलाज मिल जाता। जिस टाटा ऐस (छोटा हाथी) में सवार होकर सतपाल और श्याम लाल अपने भाई प्रेम, मामा श्याम सिंह तथा बीवी-बच्चों सहित जा रहा था, वो पीछे से आ रहे तेज रफ्तार गाड़ी की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर पलट गया।
विज्ञापन


तीन बार उनकी गाड़ी पलटी और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों की मौत गाड़ी के नीचे दबने से हुई। इसमें 3 माह का रितिक, प्रेम और श्याम सिंह शामिल थे। हादसे में सतपाल, श्यामलाल इनकी पत्नी मीना और माया और 6 अन्य बच्चे घायल हो गए थे। इसमें मीना और माया गंभीर रूप से घायल थीं। जब तक इन्हें गाड़ी के नीचे से निकालकर गन्नौर से सोनीपत नागरिक अस्पताल लाया गया, तब तक काफी देर हो गई थी।
विज्ञापन


मीना और माया ने अस्पताल में अपनी कुछ सांसें गिनीं। इन दोनों की जिंदगी बचाई जा सकती थी, अगर इन्हें समय पर इलाज मिल जाता। अस्पताल में डॉक्टर माया को रेफर करने की बात कर रहे थे, लेकिन जब तक उसे रेफर करते तब तक वह दम तोड़ चुकी थी। जबकि मीना को तो खानपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर भी दिया गया था, लेकिन परिवार में बचे श्यामलाल और सतपाल ने मीना को ले जाने से ही मना कर दिया। इतनी देर में मीना ने भी दम तोड़ दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

=====================
6 बच्चों के सिर से उठा मां का साया 
सतपाल की पत्नी मीना और श्यामलाल की पत्नी माया के कुल मिलाकर 7 बच्चे थे। सबसे छोटा रितिक तो हादसे में जान गवां चुका है, लेकिन अब बाकी बचे 6 बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह से सतपाल और श्यामलाल पर आ चुकी है। मनोज, मोहित, सनी, सुमन, काजल, कामना, मोनू के ऊपर से मां का साया उठ गया है। 5 साल का मोनू सब भाई-बहनों में सबसे बड़ा है, जबकि सबसे छोटी एक वर्षीय सुमन है। अस्पताल में जब इन्हें होश आया तो इनका एक ही सवाल था कि मां कहां है, लेकिन इनके इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। 

नहीं पहुंच सका परिवार, पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ

accident, sonipat creepy accident, five people dead, mohali people, sonipat
अपोलो इंटरनेशनल स्कूल के सामने टैंपो का संतुलन बिगड़ने से हादसा हुअा - फोटो : amarujala
समाचार लिखे जाने तक पांचों मृतकों के शव अस्पताल के शवगृह में ही रखे गए थे। किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। सतपाल और श्यामलाल ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इतना ही नहीं पुलिस को भी उन्होंने सिर्फ प्राथमिक बयान ही दिए हैं। इनका कहना था कि जब तक उनका परिवार यहां नहीं पहुंचता तब तक वे कोई बयान नहीं देंगे। देर शाम तक उनका परिवार अस्पताल नहीं पहुंच पाया था। 

सबसे बड़े का हुआ, सबसे छोटे का आज होगा संस्कार
श्यामलाल, सतपाल अपने सबसे छोटे भाई प्रेम और परिवार सहित अपने सबसे बड़े भाई मकरंद के दाह संस्कार में शरीक होने जा रहे थे। उत्तर प्रदेश के पिलवा गांव में सोमवार को मकरंद की देर रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। मंगलवार को गांव में सबसे बड़े भाई की चिता जलाई गई तो बुधवार को सबसे छोटे भाई की चिता जलाई जाएगी। 
===================
मैंने पहले ही किया था मना: उमेश
गाड़ी चालक मोहाली निवासी उमेश की मानें तो उसने पहले ही यह गाड़ी ले चलने को मना किया था, लेकिन सतपाल और श्यामलाल ने बताया था कि उनके पास ज्यादा पैसे नहीं है। अन्य सवारी गाड़ी 8 हजार से कम किराया नहीं मांग रही थी जबकि उसने डीजल के पैसे तथा 200 रुपये दिन के देने के नाम पर हामी भर दी थी। उमेश ने बताया कि वह चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्र में लोडिंग का काम ही करता है। 

12 दिन 19 मौत, पुलिस प्रशासन जागा नहीं
बता दें कि अप्रैल माह की शुरुआत से ही सड़क हादसों की झड़ी लगी है। मंगलवार को हुए हादसे को मिलाकर अब तक 12 दिनों में ही 19 लोगों की मौत हो चुकी है। सबकी मौत का कारण तेज रफ्तार गाड़ियां रही हैं। कोई खुद गाड़ी में सवार था तो किसी को टक्कर मारी गई। इनके सबके बावजूद जिला प्रशासन अभी तक सतर्क नहीं दिखाई देता। 

ट्रैफिक पुलिस अपना पूरा समय सड़कों पर दे रही हैं। अधिकतर हादसे तेज रफ्तार के कारण हो रहे हैं। लोगों को निर्धारित गति पर ही गाड़ी चलानी चाहिए। आम आदमी अगर सहयोग करें और नियमों का पूरा ख्याल रखे तो हादसे बहुत कम हो सकते हैं। 
-राहुल देव, डीएसपी, ट्रैफिक सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed