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पीएनबी ने बीते साल 20 हजार करोड़ का बैड लोन वसूला, जारी किया 2018-19 का लेखा-जोखा
Thu, 20 Jun 2019 02:39 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 20 Jun 2019 02:39 AM IST
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PNB
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले वित्त वर्ष में 20 हजार करोड़ रुपये का बैड लोन वसूला। पीएनबी के चेयरमैन सुनील मेहता ने बुधवार को बताया कि यह 2017-18 के मुकाबले करीब दोगुनी वसूली है। पिछले साल हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बड़े घोटाले के बाद बैंक को भारी नुकसान हुआ था।
बैंक की 2018-19 की सालाना रिपोर्ट जारी करते हुए सुनील मेहता ने कहा कि बैंक अपनी अथक मेहनत के बूते बेहद खराब दौर से उबरकर बाहर आया है। इस दौरान बैंक ने अपने वास्तविक घाटे को 2017-18 के 12,283 करोड़ रुपये से घटाकर 9,975 करोड़ पर ले आया है और तिमाही-दर-तिमाही एनपीए का दायरा भी सिकुड़ता जा रहा है।
मार्च 2018 में बैंक का नेट एनपीए 48,684 करोड़ रुपये था, इस मार्च 2019 तक घटकर 30,038 करोड़ पर आ गया है। चेयरमैन ने कहा कि हमारे ग्राहकों का भरोसा एक बार फिर बैंक पर लौट आया है। हमने पिछले वित्त वर्ष में घरेलू बाजार से 1 लाख करोड़ की पूंजी जोड़ी और यह मार्च 2019 तक बढ़कर 11.45 लाख करोड़ पहुंच गई है। इस दौरान बैंक की सालाना वृद्धि दर 11.1 फीसदी रही।
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11 सौ डिफॉल्टर पकड़े
बैंक ने बताया कि फंसे कर्ज की वसूली के लिए विलफुल डिफॉल्टरों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। हमारी कोशिशों के कारण 31 मार्च 2019 तक 1,142 कर्जदाताओं को हमने विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया है। इनमें से कई कर्जदाताओं से वसूली की जा चुकी है और कुछ से वसूली की प्रक्रिया चल रही है।
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बैंक की 2018-19 की सालाना रिपोर्ट जारी करते हुए सुनील मेहता ने कहा कि बैंक अपनी अथक मेहनत के बूते बेहद खराब दौर से उबरकर बाहर आया है। इस दौरान बैंक ने अपने वास्तविक घाटे को 2017-18 के 12,283 करोड़ रुपये से घटाकर 9,975 करोड़ पर ले आया है और तिमाही-दर-तिमाही एनपीए का दायरा भी सिकुड़ता जा रहा है।
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मार्च 2018 में बैंक का नेट एनपीए 48,684 करोड़ रुपये था, इस मार्च 2019 तक घटकर 30,038 करोड़ पर आ गया है। चेयरमैन ने कहा कि हमारे ग्राहकों का भरोसा एक बार फिर बैंक पर लौट आया है। हमने पिछले वित्त वर्ष में घरेलू बाजार से 1 लाख करोड़ की पूंजी जोड़ी और यह मार्च 2019 तक बढ़कर 11.45 लाख करोड़ पहुंच गई है। इस दौरान बैंक की सालाना वृद्धि दर 11.1 फीसदी रही।
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11 सौ डिफॉल्टर पकड़े
बैंक ने बताया कि फंसे कर्ज की वसूली के लिए विलफुल डिफॉल्टरों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। हमारी कोशिशों के कारण 31 मार्च 2019 तक 1,142 कर्जदाताओं को हमने विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया है। इनमें से कई कर्जदाताओं से वसूली की जा चुकी है और कुछ से वसूली की प्रक्रिया चल रही है।