ट्रेड वॉर से परेशान भारत WTO में अकेले करेगा अमेरिका के खिलाफ शिकायत
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अमेरिका द्वारा स्टील और एल्यूमीनियम पर इंपोर्ट ड्यूटी लगाने के खिलाफ भारत जल्द ही विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) में अकेले शिकायत करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका ने केवल यूरोपियन यूनियन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मेक्सिको को छूट दी है।
ट्रेड वॉर से बेहाल हुआ था सेंसेक्स
शुक्रवार को अमेरिका द्वारा चीन से आयतित सामान पर ड्यूटी लगाने से दुनिया भर के शेयर बाजारों मे इसका असर देखने को मिला था। अमेरिका, और एशिया सहित भारत में शेयर बजार धड़ाम हो गए थे। भारत में बीएसई सेंसेक्स 400 अंक टूट गया था, इसके साथ ही निफ्टी भी 10 हजार के नीचे चला गया था।
चीन ने किया था विरोध
चीन के सामान पर ड्यूटी लगाने से पहले 50 से अधिक देशों ने अमेरिका के इस कदम का विरोध किया था। ब्राजील, दक्षिण कोरिया, जापान, नॉर्वे आदि देशों ने भी विश्व व्यापार संगठन में शिकायत करने की बात तो कही, लेकिन इस पर पूरी तरह से विचार नहीं किया है। केंद्र सरकार भी कानूनी सलाह लेने के बाद ही संगठन में शिकायत दर्ज करेंगे।
क्यों लगाया टैरिफ?
अमेरिकी व्यापार विभाग के अधिकारी ने कहा, "अमेरिका के पास सबूत हैं कि चीन ऐसे अमेरिकी फर्म की तलाश में है जो उनके साथ पार्टनरशिप कर चीन के बाजार में उतर सके और फिर अमेरिका पर तकनीक भेजने का दबाव बनाया जा सके। अमेरिका को इस बात के भी सबूत मिले हैं कि चीन अमेरिका के महत्वपूर्ण उद्योगों में निवेश को नुकसान पहुंचा रहा है और साइबर अटैक भी करवाता है।"
ये सब बातें उस जांच से सामने आई हैं जिसके आदेश राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल अगस्त में दिए थे। व्यापार कानून के सेक्शन 301 के हिसाब से सरकार के पास अधिकार है कि वह उन देशों पर एकतरफा प्रतिबंध लगा सकती है जो व्यापार में गड़बड़ी कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के मुकाबले अपने व्यापार घाटे को लेकर कई बार आवाज उठाई है।
चीन ने क्या कहा?
गुरुवार को चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वह भी इन नए शुल्कों का जवाब देने के लिए तैयार है। "चीन चुपचाप बैठकर अपने हक और हितों का नुकसान होते नहीं देखेगा और इनके बचाव के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।"
वॉल स्ट्रीट जरनल के मुताबिक चीन भी अमेरिका पर शुल्क लगाकर इसका जवाब देने की सोच रहा है। इसका मतलब है कि चीन अमेरिका के कृषि आयात पर भी शुल्क लगा सकता है। कृषि प्रधान राज्यों में डोनल्ड ट्रंप का वोट बेस है।