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जीएसटी पोर्टल का सर्वर फेल, हजारों रिटर्न लटके, देना होगा जुर्माना
Mon, 20 Jan 2020 12:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 20 Jan 2020 12:08 AM IST
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जीएसटी
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पोर्टल का सर्वर रविवार को फेल होने से जिले के हजारों व्यापारियों के रिटर्न लटक गए हैं। एक ओर जहां उन्हें मासिक रिटर्न के लिए जुर्माना देना होगा, वहीं वार्षिक रिटर्न नहीं भर पा रहे हैं। एक ओर जहां व्यापारी और अधिवक्ता परेशान हैं तो वहीं विभाग के पास इसका कोई समाधान नहीं है।
जिले में सात हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इन व्यापारियों द्वारा प्रतिमाह 10 तारीख तक मासिक जीएसटी रिटर्न के रूप में बिक्री का पूरा ब्योरा देना होता है। इस माह जीएसटी पोर्टल काम न करने पर ये तारीख बढ़ाकर 17 जनवरी कर दी गई, लेकिन सर्वर ठप होने से 17 तारीख तक भी करीब पांच हजार व्यापारी मासिक रिटर्न नहीं भर सके।
इतना ही नहीं तिमाही दाखिल होने वाले समाधान में भी पोर्टल काम न करने से 18 जनवरी आखिरी तारीख निकल गई। अब इन दोनों ही रिटर्न को दाखिल न कर पाने वाले हजारों व्यापारियों पर जुर्माना शुरू हो गया है।
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जिले में सात हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इन व्यापारियों द्वारा प्रतिमाह 10 तारीख तक मासिक जीएसटी रिटर्न के रूप में बिक्री का पूरा ब्योरा देना होता है। इस माह जीएसटी पोर्टल काम न करने पर ये तारीख बढ़ाकर 17 जनवरी कर दी गई, लेकिन सर्वर ठप होने से 17 तारीख तक भी करीब पांच हजार व्यापारी मासिक रिटर्न नहीं भर सके।
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इतना ही नहीं तिमाही दाखिल होने वाले समाधान में भी पोर्टल काम न करने से 18 जनवरी आखिरी तारीख निकल गई। अब इन दोनों ही रिटर्न को दाखिल न कर पाने वाले हजारों व्यापारियों पर जुर्माना शुरू हो गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
जुर्माना भी भारी भरकम होने से व्यापारी परेशान हैं। मासिक रिटर्न के लिए जहां 50 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना देना होगा। वहीं तिमाही समाधान भरने के लिए टैक्स पर 18 प्रतिशत का ब्याज लगेगा। इससे व्यापारियों की नींद उड़ी हुई है। क्योंकि अभी भी सर्वर काम न करने से रिटर्न फाइल नहीं हो पा रहे हैं। इसमें तो उन्हें जुर्माना देना ही पड़ेगा, वहीं अब उन्हें डर सता रहा है कि अगर 31 जनवरी तक भरे जाने वाले 2017-18 के वार्षिक रिटर्न में भी समस्या आएगी।
क्योंकि अब तक जब मासिक और त्रैमासिक समाधान ही नहीं हो पाया तो वार्षिक रिटर्न कैसे भर पाएगा। वार्षिक रिटर्न देरी से भरने की दशा में उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना देना होगा। वहीं अगर वो रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो उनसे कुल टर्नओवर का 0.25 प्रतिशत जुर्माना वसूल किया जाएगा।
दस जनवरी से ठप है सर्वर
व्यापारी और अधिवक्ताओं के अनुसार जीएसटी पोर्टल का सर्वर 10 जनवरी से बंद है। हाल ये है कि रिटर्न फाइल करने के दौरान कोई भी ओटीपी नहीं मिल रहा है। दस जनवरी से लगातार प्रयास के बाद अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। व्यापारी रोजाना परेशान हो रहे हैं, लेकिन बिना गलती के उन्हें मोटा जुर्माना भुगतना पड़ेगा।
क्योंकि अब तक जब मासिक और त्रैमासिक समाधान ही नहीं हो पाया तो वार्षिक रिटर्न कैसे भर पाएगा। वार्षिक रिटर्न देरी से भरने की दशा में उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना देना होगा। वहीं अगर वो रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो उनसे कुल टर्नओवर का 0.25 प्रतिशत जुर्माना वसूल किया जाएगा।
दस जनवरी से ठप है सर्वर
व्यापारी और अधिवक्ताओं के अनुसार जीएसटी पोर्टल का सर्वर 10 जनवरी से बंद है। हाल ये है कि रिटर्न फाइल करने के दौरान कोई भी ओटीपी नहीं मिल रहा है। दस जनवरी से लगातार प्रयास के बाद अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। व्यापारी रोजाना परेशान हो रहे हैं, लेकिन बिना गलती के उन्हें मोटा जुर्माना भुगतना पड़ेगा।
पोर्टल में सुधार की जरूरत
जीएसटी रिटर्न में नियम कड़े हैं। इसके अलावा पोर्टल में भी सुधार की आवश्यकता है। आयकर का पोर्टल अंतिम तिथि के अंतिम मिनट पर भी सफलतापूर्वक कार्य करता है। जीएसटी पोर्टल न चलने से इस बार व्यापारियों को बड़ा नुकसान होगा। - अशोक गुप्ता, अध्यक्ष टैक्सेशन बार एसोसिएशन।
कैसे रिटर्न फाइल करें व्यापारी
जीएसटी के नियमों और रिटर्न फाइल की प्रक्रिया की जानकारी व्यापारियों को अभी भी पूर्ण रूप से नहीं है। वे अधिवक्ताओं से रिटर्न भरवाते हैं, लेकिन जब सर्वर ही नहीं चलेगा तो कोई क्या करे। इसमें व्यापारी को जुर्माना देना ही होगा। प्रखर दीक्षित, कर अधिवक्ता।
एक साल का भी रिटर्न नहीं हो सका पूरा
एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया गया था। लेकिन इन्हीं खामियों के चलते अब तक वर्ष 2017-18 का भी जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं हो सका है। अब देरी होने पर व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, इसमें सुधार होना चाहिए। राजीव कुलश्रेष्ठ, कर अधिवक्ता।
जीएसटी रिटर्न में नियम कड़े हैं। इसके अलावा पोर्टल में भी सुधार की आवश्यकता है। आयकर का पोर्टल अंतिम तिथि के अंतिम मिनट पर भी सफलतापूर्वक कार्य करता है। जीएसटी पोर्टल न चलने से इस बार व्यापारियों को बड़ा नुकसान होगा। - अशोक गुप्ता, अध्यक्ष टैक्सेशन बार एसोसिएशन।
कैसे रिटर्न फाइल करें व्यापारी
जीएसटी के नियमों और रिटर्न फाइल की प्रक्रिया की जानकारी व्यापारियों को अभी भी पूर्ण रूप से नहीं है। वे अधिवक्ताओं से रिटर्न भरवाते हैं, लेकिन जब सर्वर ही नहीं चलेगा तो कोई क्या करे। इसमें व्यापारी को जुर्माना देना ही होगा। प्रखर दीक्षित, कर अधिवक्ता।
एक साल का भी रिटर्न नहीं हो सका पूरा
एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया गया था। लेकिन इन्हीं खामियों के चलते अब तक वर्ष 2017-18 का भी जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं हो सका है। अब देरी होने पर व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, इसमें सुधार होना चाहिए। राजीव कुलश्रेष्ठ, कर अधिवक्ता।
परेशान हैं व्यापारी
व्यापारी समाज के हित के लिए व्यापार करने के साथ ही सरकार को भी टैक्स देता है। लेकिन जीएसटी पोर्टल में समस्या आने से व्यापारी परेशान हैं। समय पर टैक्स देने के लिए तैयार व्यापारियों को भी जुर्माना भुगतना पड़ रहा है। सत्येंद्र कुमार, व्यापारी।
अंतिम समय के लिए बैठे रहते हैं व्यापारी
प्रत्येक माह का जीएसटी रिटर्न अगले माह की दस तारीख तक भरना होता है। लेकिन व्यापारी आखिरी के दिनों के लिए बैठे रहते हैं। एक साथ पोर्टल पर बोझ पड़ने से सर्वर में समस्या आती है। इसमें व्यापारियों को खुद भी सुधार की आवश्यकता है। व्यापारी को अगर समस्या है तो वह मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
उत्तम कुमार तिवारी, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी
हाईलाइटर्स
-07 हजार हैं जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी
-05 हजार व्यापारी के बाकी हैं रिटर्न
-17 जनवरी थी मासिक रिटर्न की अंतिम तिथि
-50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देना होगा जुर्माना
व्यापारी समाज के हित के लिए व्यापार करने के साथ ही सरकार को भी टैक्स देता है। लेकिन जीएसटी पोर्टल में समस्या आने से व्यापारी परेशान हैं। समय पर टैक्स देने के लिए तैयार व्यापारियों को भी जुर्माना भुगतना पड़ रहा है। सत्येंद्र कुमार, व्यापारी।
अंतिम समय के लिए बैठे रहते हैं व्यापारी
प्रत्येक माह का जीएसटी रिटर्न अगले माह की दस तारीख तक भरना होता है। लेकिन व्यापारी आखिरी के दिनों के लिए बैठे रहते हैं। एक साथ पोर्टल पर बोझ पड़ने से सर्वर में समस्या आती है। इसमें व्यापारियों को खुद भी सुधार की आवश्यकता है। व्यापारी को अगर समस्या है तो वह मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
उत्तम कुमार तिवारी, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी
हाईलाइटर्स
-07 हजार हैं जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी
-05 हजार व्यापारी के बाकी हैं रिटर्न
-17 जनवरी थी मासिक रिटर्न की अंतिम तिथि
-50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देना होगा जुर्माना