उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन से सरकार रोकेगी बिजली चोरी, 2019 तक 24 घंटे बिजली देने का है लक्ष्य
बिजली चोरी रोककर 24 घंटे आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार जल्द राज्य सरकारों, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की बिजली कंपनियों के साथ मिलकर योजना तैयार कर रही है। इसमें उपभोक्ताओं को बिजली चोरी रोकने के लिए प्रोत्साहन देने और साथ में 24 घंटे बिजली मुहैया कराने का दावा शामिल है, जबकि 15 फीसदी कम बिजली चोरी वाले जिलों में सातों दिन बिजली गुल नहीं होने का आश्वासन भी है।
एटीएंडटी 15 फीसदी पर लाने का लक्ष्य
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा तैयार की जा रही योजना में हर उस पहलू पर विचार किया जा रहा है, जिसके जरिए बिजली चोरी को रोका जा सकता है। सरकार ने कुल तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान (एटीएंडटी) को साल 2019 तक सभी राज्यों में 15 फीसदी लाने का लक्ष्य उदय योजना के तहत रखा है।
हालांकि योजना को दो साल बीत चुके हैं और कई राज्य लक्ष्य से काफी दूर हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, मणिपुर, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत कई राज्य एटीएंडटी में फिसड्डी साबित हो रहे हैं जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, त्रिपुरा और गोवा लक्ष्य हासिल कर चुके हैं। ऐसे में मंत्रालय राज्य सरकार सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की बिजली कंपनियों के साथ नई दिशा में विचार कर रहा है।
चोरी रोकने को उपायों पर विचार
केंद्रीय मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, बिजली चोरी देशभर में बड़ी समस्या है, जिसके चलते बिजली कंपनियों को भारी नुकसान होता है। इसके मद्देनजर, मंत्रालय बिजली चोरी रोकने के लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन देने पर विचार कर रहा है, जो आर्थिक पुरस्कार हो या किसी तरह की छूट या फिर अन्य।
उन्होंने कहा कि सभी हिस्सेदारों के साथ इस पर विचार-विमर्श कर उनसे मशविरा लिया जाएगा। सबसे बेहतर उपायों को ही बिजली चोरी रोकने को लागू किया जाएगा। अधिकारी ने बताया हमारा आशय स्पष्ट है चोरी बताएं और 24 घंटे बिजली पाएं। इसके अलावा, जिन जिलों में बिजली चोरी 15 फीसद कम है, उनकी आपूर्ति को कटौती मुक्त किया जाए। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरणों को ऐसे जिलों के आंकड़े जुटाने को कहा गया है। उसने सभी बिजली वितरण कंपनियों से इस बारे में सूचना मांगी है।
प्राधिकरण ने 3 साल का आंकड़ा मांगा
प्राधिकरण ने बिजली कंपनियों से पिछले तीन साल का आंकड़ा मांगा है। इसमें उन्हें प्रत्येक वर्ष का औसत एटीएंडटी के अलावा, मौजूदा साल का मासिक औसत आंकड़ा देना होगा। गौरतलब है कि सरकार ने साल 2019 तक पूरे देश में 24 घंटे बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सभी के लिए ऊर्जा दस्तावेज आधारित समझौते पर हस्ताक्षर हुआ है।