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सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए खत्म किए 1,200 पुराने कानून
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Tue, 18 Jul 2017 05:02 PM IST
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स्टार्टअप के रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को सरल बनाने के लिए सरकार ने करीब 1,200 जटिल कानूनों और प्रक्रियाओं को हटाया है, ताकि देश के उद्यमियों को बढ़ावा दिया जा सके। यह बात मंगलवार को नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कही।
उन्होंने कहा कि देश में संपत्ति का निर्माण करने के लिए उद्यमियों को बढ़ावा देना होगा। सरकार ने खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए कई कदम उठाए हैं।
कांत ने यहां एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि गत दो साल में हमने अनेक नियमावलियों और कानूनों, प्रक्रियाओं और कागजी कार्यवाहियों को समाप्त करने की कोशिश की है। हमने करीब 1,200 कानूनों को हटा दिया है, जैसा पहले कभी नहीं हुआ था।
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वह एंटरप्रेन्योर इंडिया-2017 सम्मेलन में बोल रहे थे। इस सम्मेलन में निवेशक, स्टार्टअप, एसएमई तथा पेशेवर नेटवर्किंग के लिए और संभावनाशील कारोबारी विचारों तथा अन्य पर विचार करने के लिए जमा हुए थे।
कांत ने कहा कि आज कोई भी एक दिन में कंपनी पंजीकृत करा सकता है। एमएसएमई के लिए पंजीकरण में करीब पांच मिनट लगता है। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि जो असफल हो जाते हैं, वो तुरंत कारोबार से बाहर निकल सकते हैं, क्योंकि देश में दिवालिया कानून बन चुका है।
उन्होंने कहा कि देश में जीएसटी कानून और जीएसटी लागू हो चुका है। यह सारे कदम भारत को कारोबार के लिए एक उपयुक्त जगह बनाने के लिए उठाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने फंडों का फंड बनाया है, ताकि युवा उद्यमियों को धन उपलब्ध कराने के लिए विशाल संख्या वेंचर फंड मौजूद रहें। जब स्टार्टअप को वेंचर फंड से सहायता मिलेगी, तो स्टार्टअप परितंत्र का विकास होगा।
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उन्होंने कहा कि देश में संपत्ति का निर्माण करने के लिए उद्यमियों को बढ़ावा देना होगा। सरकार ने खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए कई कदम उठाए हैं।
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कांत ने यहां एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि गत दो साल में हमने अनेक नियमावलियों और कानूनों, प्रक्रियाओं और कागजी कार्यवाहियों को समाप्त करने की कोशिश की है। हमने करीब 1,200 कानूनों को हटा दिया है, जैसा पहले कभी नहीं हुआ था।
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वह एंटरप्रेन्योर इंडिया-2017 सम्मेलन में बोल रहे थे। इस सम्मेलन में निवेशक, स्टार्टअप, एसएमई तथा पेशेवर नेटवर्किंग के लिए और संभावनाशील कारोबारी विचारों तथा अन्य पर विचार करने के लिए जमा हुए थे।
कांत ने कहा कि आज कोई भी एक दिन में कंपनी पंजीकृत करा सकता है। एमएसएमई के लिए पंजीकरण में करीब पांच मिनट लगता है। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि जो असफल हो जाते हैं, वो तुरंत कारोबार से बाहर निकल सकते हैं, क्योंकि देश में दिवालिया कानून बन चुका है।
उन्होंने कहा कि देश में जीएसटी कानून और जीएसटी लागू हो चुका है। यह सारे कदम भारत को कारोबार के लिए एक उपयुक्त जगह बनाने के लिए उठाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने फंडों का फंड बनाया है, ताकि युवा उद्यमियों को धन उपलब्ध कराने के लिए विशाल संख्या वेंचर फंड मौजूद रहें। जब स्टार्टअप को वेंचर फंड से सहायता मिलेगी, तो स्टार्टअप परितंत्र का विकास होगा।