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IT सेक्टर में कर्मचारियों की छटनी जारी, विप्रो इन्फोसिस के बाद टेक महिंद्रा ने निकाले 1500 कर्मचारी
amarujala.com- Presented by: आनंद
Updated Thu, 11 May 2017 12:15 PM IST
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आईटी सेक्टर में कर्मचारियों को नौकरी हटाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश की बड़ी आईटी कंपनीयों में शामिल विप्रो, कॉग्निजेंट और इन्फोसिस के बाद अब टेक महिंद्रा ने भी अपने यहां कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबरों के अनुसार टेक महिंद्रा से छंटनी होने वाले कर्चनारियों की संख्या 1500 के करीब है। हालांकि कंपनी ने इन कर्मचारियों को नियमित प्रक्रिया से निकाले जाने की बात कही है।
कंपनी का कहा कि है टेक महिंद्रा ने हर साल परफॉर्मेंस रिव्यू करना शुरू कर दिया है। इसके आधार पर कर्मचारियों को निकाला गया है। इससे पहले भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो ने अपने यहां से करीब 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था।
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अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबरों के अनुसार टेक महिंद्रा से छंटनी होने वाले कर्चनारियों की संख्या 1500 के करीब है। हालांकि कंपनी ने इन कर्मचारियों को नियमित प्रक्रिया से निकाले जाने की बात कही है।
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कंपनी का कहा कि है टेक महिंद्रा ने हर साल परफॉर्मेंस रिव्यू करना शुरू कर दिया है। इसके आधार पर कर्मचारियों को निकाला गया है। इससे पहले भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो ने अपने यहां से करीब 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था।
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केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग
ऐसे ही कुछ कॉग्निजेंट और इन्फोसिस जैसी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के साथ कर रही हैं। वहीं कंपनी से निकाले गये सभी कर्मचारियों अब सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहै हैं। गुरूवार को फोरम फॉर आईटी एम्प्लोई ( एफआईटीई ) ने चेन्नाई और हैदराबार के श्रम आयोग में याचिका दर्ज की है।
एफआईटीई ने केंद्र और राज्य सरकार के गुहार लगाते हुए कहा है कि सरकार जल्द से जल्द हस्तक्षेप करके गैरकानूनी तरीके से निकाले जा रहे कर्मचारियों पर लगाम लगाये। कर्मचारियों को पर छटनी की गाज और ना गिरे इसके लिए एफआईटीई यह भी फैसला किया है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हर राज्य के मुख्यमंत्रियों के पास भी समन दर्ज करेंगे, और मांग करेंगे।
आपको बता दें आईटी सेक्टर में नौकरीयों का हाल काफी चिंताजन हो गया है। हर कंपनी अपने यहां कर्मचारियों को निकाले की प्रक्रिया में है। बीते अप्रैल को विप्रो ने अपने यहां से एक साथ 600 लोगों के निकाल दिया। अभी भी छटनी की प्रक्रिया जारी है।
एफआईटीई ने केंद्र और राज्य सरकार के गुहार लगाते हुए कहा है कि सरकार जल्द से जल्द हस्तक्षेप करके गैरकानूनी तरीके से निकाले जा रहे कर्मचारियों पर लगाम लगाये। कर्मचारियों को पर छटनी की गाज और ना गिरे इसके लिए एफआईटीई यह भी फैसला किया है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हर राज्य के मुख्यमंत्रियों के पास भी समन दर्ज करेंगे, और मांग करेंगे।
आपको बता दें आईटी सेक्टर में नौकरीयों का हाल काफी चिंताजन हो गया है। हर कंपनी अपने यहां कर्मचारियों को निकाले की प्रक्रिया में है। बीते अप्रैल को विप्रो ने अपने यहां से एक साथ 600 लोगों के निकाल दिया। अभी भी छटनी की प्रक्रिया जारी है।