अर्थव्यवस्था को चाहिए 60 लाख करोड़ का विदेशी निवेश, इन क्षेत्रों से विकास में तेजी आएगी
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कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 50-60 लाख करोड़ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की जरूरत होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह राशि इन्फ्रा प्रोजेक्ट और एमएसएमई क्षेत्र में लगाकर विकास दर को रफ्तार दी जा सकती है।
गडकरी के अनुसार, लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाजार में पूंजी तरलता बढ़ाने के लिए एफडीआई की बहुत जरूरत है। बिना पूंजी विकास का पहिया गति नहीं पकड़ सकेगा। इन्फ्रा क्षेत्र के हाईवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक पार्क, रेलवे, ब्रॉडगेज और मेट्रो के अलावा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आकर्षित कर सकते हैं।
सार्वजनिक-निजी निवेश के जरिये भी बड़े फंड जुटाने में मदद मिल सकती है। इससे रोजगार भी पैदा होगा और अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। कई एमएसएमई बीएसई पर सूचीबद्ध हैं। मैं दुबई, अमेरिका के निवेशकों से इन उद्यमों में पैसे लगाने पर बातचीत कर रहा हूं। उनसे तीन साल के टर्नओवर, जीएसटी ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर निवेश की बात कही है। इसमें निवेश आने पर अच्छा लाभांश मिल सकता है।
एमएसएमई के लिए उद्यम पंजीकरण पोर्टल शुरू
एमएसएमई मंत्रालय ने कारोबारी सुगमता बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार को पंजीकरण पोर्टल चैंपियन लांच किया। पोर्टल पर एमएसएमई के पंजीकरण के साथ कंट्रोल रूम व एकल खिड़की की भी व्यवस्था है। मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि पोर्टल से लेनदेन के समय और लागत में कमी आएगी।
आरबीआई का निर्देश
रिजर्व बैंक ने बैंकों-वित्तीय संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि एमएसएमई का वर्गीकरण 1 जुलाई से लागू नई परिभाषा के अनुरूप करें।
6.4 फीसदी घट सकता है जीडीपी का आकार
केयर रेटिंग्स ने अनुमान जताया है कि चालू वित्तवर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 6.4 फीसदी घट सकता है। इससे पहले मूडीज और फिच ने 5 फीसदी तक गिरावट का अनुमान लगाया था। देश की दूसरी सबसे बड़ी एजेंसी केयर रेटिंग्स ने मई में कहा था कि 2020-21 में जीडीपी 1.5-1.6 फीसदी कम हो जाएगी।
इस अनुमान में इजाफा करते हुए रेटिंग एजेंसी ने कहा कि जुलाई में भी लॉकडाउन जारी रहने की वजह से आर्थिक गतिविधियां सामान्य नहीं हो सकेंगी। इसका अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। संभव है कि महामारी से स्थिति सामान्य होने में चौथी तिमाही तक समय लग जाए। अभी तक 66 फीसदी आर्थिक क्षेत्र ही 50-70 फीसदी की क्षमता पर संचालित हो रहे हैं।
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